बांदा। जिले में बुधवार की रात से हो रही झमाझम बारिश से खेत लबालब हो गए। किसान के चेहरे भी चमक उठे। रात में छाई काली घटाएं रुक-रुककर बरसती रहीं। बृहस्पतिवार को दिन में कभी फुहार पड़ी तो कभी झमाझम बारिश हुई। जिले में 24 घंटे में 66 मिलीमीटर बारिश हुई। इससे शहर और गांवों में सड़कें लबालब हो गईं। घरों और दुकानों में भी पानी घुस गया।
बारिश से शहर में जगह-जगह जलभराव होने से लोगों को दुश्वारियां झेलनी पड़ीं। शहर के सेढ़ू तलैया, शंकर नगर, परशुराम तालाब और आजाद नगर में कमर तक पानी भर गया। रेलवे लाइन के किनारे बसे करीब दस घरों में बारिश का पानी भर गया। लोगों ने बाल्टियां लेकर पानी बाहर निकाला। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक जनपद में 24 घंटे में 66 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिनेश शाह ने बताया कि मौसम विभाग ने दो दिन का जिले में यलो अलर्ट जारी किया है। शुक्रवार व शनिवार को भी तेज बारिश के आसार हैं।
चूड़ी गली में जलभराव, दुकानों में घुसा पानी
अतर्रा। कस्बे की चूड़ी वाली गली, तेल गली व सुनारी गली में बारिश से जलभराव हो गया। करीब चार घंटे तक लगातार बारिश के चलते इन इलाकों की कई दुकानों में पानी भर गया। नाली की सफाई न होने और जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण गंदा पानी दुकानों में भरा रहा। चूड़ी, श्रृंगार, कपड़ा और सराफा व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
दुकानदारों ने बताया कि लाखों रुपये का सामान भीग कर खराब हो गया। व्यापारियों ने पानी निकालने के लिए घंटों मशक्कत की। चूड़ी गली के दुकानदार राहुल सोनी, आशु लखेरा, राजू रैकवार, ज्ञानेंद्र सिंह, सुनील लखेरा, बबलू, अमित, हीरालाल, जुगुल, प्रदीप, अनुपम, शक्ति लखेरा आदि ने बताया कि नगर पालिका को कई बार जलभराव की समस्या से अवगत कराया गया लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई।
नालियों पर अवैध कब्जा बना आफत
अतर्रा। तहसील क्षेत्र के ग्राम तेंदुरा के मजरा कांधाखेर में गुरुवार की दोपहर से हो रही बारिश ने ग्रामीणों की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने से तकरीबन 12 कच्चे मकानों में पानी घुस गया। इससे ग्रामीणों का घरेलू सामान भीगकर खराब हो गया। ग्राम प्रधान रामलाल जयन और ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव के दबंगों ने नालियों और सरकारी सेक्टर संख्या 257 पर अवैध कब्जा कर रखा है जिससे पानी की निकासी पूरी तरह अवरुद्ध हो गई है। पीड़ित ग्रामीण सीताराम, वासुदेव यादव, भूरा, मुन्ना, ज्ञानबाबू, रामलखन, मिन्नता, कमला, कल्ली समेत अन्य ने बताया कि बारिश के पानी से उनके घर जलमग्न हो गए हैं। ग्रामीणों ने कई बार तहसीलदार और एसडीएम राहुल द्विवेदी से शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
ढह गई सीएचसी की दीवार
जसपुरा। गुरुवार को बारिश के दौरान जसपुरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की करीब 25 वर्ष पुरानी बाउंड्री ढह गई। इससे नाले का गंदा पानी सीएचसी परिसर में भर जाने से मरीजों और तीमारदारों के साथ ही अस्पताल कर्मियों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ा। सीएचसी अधीक्षक डॉ. संदीप गुप्ता ने बताया कि बारिश से दीवार ढह गई। विभागीय अधिकारियों को सूचना दे दी गई है। इसके साथ ही अन्ना मवेशी भी परिसर में घुस रहे हैं। (संवाद)