बांदा। मंदिर प्रबंधन के विवाद को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा दिए गए आदेशों पर अमल न करने में यहां के पुलिस अधीक्षक, एसडीएम सदर और शहर कोतवाली प्रभारी सहित 8 लोगों को हाईकोर्ट ने अवमानना का नोटिस जारी किया है। एक माह के अंदर आदेश का अनुपालन कर जवाबी हलफनामा दाखिल करने को कहा है, नहीं तो अवमानना का आरोप तय कर देने की चेतावनी दी है।
बांदा शहर स्थित पुरानी बजाजी में ठाकुर राधाकृष्ण मंदिर है। रामप्रताप सोनी ने बताया कि 11 अगस्त 2017 को मंदिर और उसकी संपत्ति को पब्लिक ट्रस्ट की संपत्ति मानते हुए सदर एसडीएम को रिसीवर नामित कर एक वर्ष के अंदर प्रबंध कमेटी का गठन करने के आदेश दिए थे।
23 जून 2018 से ट्रस्ट द्वारा प्रबंधन किया जा रहा है। ट्रस्ट ने पिछले वर्ष जुलाई में मंदिर की संपत्ति पर अवैध रूप से काबिज लोगों को नोटिस देकर एक माह में कब्जा हटाने को कहा था, लेकिन अवैध कब्जे हटाने के बजाय दिसंबर में मंदिर की दुकानों में तोडफ़ोड़ और आंगन में जाल और आवास का रास्ता बंद करा दिया गया। इस पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। अवैध कब्जाधारकों को ही सह दी।
ट्रस्ट कमेटी के वृंदावन सोनी (छाबी तालाब), रामप्रताप सोनी (अलीगंज), राकेश कुमार सोनी (छाबी तालाब) और जगदीश प्रसाद जड़िया (मढ़िया नाका) ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अधिवक्ता सत्यप्रकाश पांडेय और राजकिशोर पांडेय के माध्यम से अवमानना याचिका दाखिल कर दी। इसमें एसडीएम सदर/रिसीवर थमीम अंसरिया ए (आईएएस), पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद साहा, कोतवाली प्रभारी आनंद सिंह सहित जगन्नाथ सोनी (कैलाशपुरी), शशिचंद्र स्वर्णकार (कालवनगंज), उमेशचंद्र जैन (छोटी बाजार), बशीर (मर्दन नाका) और खैराती (बजाजी बाजार) को पार्टी बनाया। इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुनीत कुमार द्वारा 21 दिसंबर को जारी आदेश में एसडीएम, एसपी और कोतवाल सहित चार लोगों को एक माह के अंदर जवाबी हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है।