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सुलह-समझौते से निपटे 5588 मुकदमे

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5588 lawsuits settled by conciliation - फोटो : BANDA
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बांदा। शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 5588 मुकदमों का सुलह समझौते से निपटारा हो गया। विभिन्न अदालतों में 2,31,100 रुपये जुर्माना और 65,37,000 रुपये मोटर दुर्घटना में क्लेम के रूप में दिलाए गए। समझौते वाले मुकदमों से जुड़े 5597 लोगों को राहत मिली।
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित लोक अदालत में जिला जज राधेश्याम यादव ने अध्यक्षता के साथ पांच मुकदमे भी निपटाए। इनमें एक मोटर दुर्घटना क्लेम और चार अन्य मामले थे। परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश हरेंद्र प्रसाद ने 45 मामलों का निस्तारण किया। इनमें 18 पति-पत्नी के विवाद भी थे। उनमें सुलह कराकर विदा किया गया। प्रथम एडीजे विजेंद्र कुमार सैलट ने 7 केस में 27 लाख 90 हजार रुपये पीड़ितों को दिलाए। एडीजे द्वितीय नीरज कुमार ने 5 मुकदमे निस्तारित करते हुए 4 मोटर क्लेम में 10 लाख 65 हजार रुपये हर्जाना दिलाया। एडीजे तृतीय श्रीकृष्ण यादव ने 2 मोटर क्लेम सहित 3 केस निपटारकर 6 लाख 90 हजार पीड़ितों को दिलाए। चतुर्थ एडीजे रामकरन ने 5 केसों में 4 लाख 40 हजार रुपये हर्जाना दिलवाया।
पंचम अपर जिला जज मोहम्मद रिजवान ने मोटर एक्सीडेंट क्लेम का निस्तारण कर 70 हजार रुपये क्षतिपूर्ति दिलाया। षष्ठम एडीजे पवन कुमार शर्मा ने 9 केस निपटाए। जिनमें 3 मोटर दुर्घटना और 6 लघु अपराध के थे। 7 लाख 65 हजार रुपये पीड़ित पक्ष को दिलाए। त्वरित न्यायाधीश प्रथम नूपुर ने 3 मुकदमे निपटारकर 6 लाख 97 हजार रुपये पीड़ित पक्ष को दिलवाए। एडीजे/त्वरित न्यायाधीश द्वितीय ऋषि कुमार ने 8 वैवाहिक मुकदमों का निस्तारण किया। सीजेएम संजय कुमार ने 8 केस निपटाकर 6300 रुपये जुर्माना किया।
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सिविल जज सीनियर डिवीजन भारतेंदु प्रकाश गुप्ता ने उत्तराधिकार के 11 केस निस्तारित करके 36 लाख 94 हजार 518 रुपये के प्रमाणपत्र जारी किए। लघु अपराध के एक मामले में 1600 रुपये जुर्माना किया। प्रथम अपर सीजेएम नदीम अनवर ने 41 मुकदमों का निपटारा किया। 83 हजार 700 रुपये जुर्माना किया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (रेलवे) प्रेम बहादुर सिंह ने 135 मामलों का निस्तारण करते हुए 98,130 रुपये जुर्माना किया। सिविल जज जूनियर डिवीजन अभिषेक व्यास ने 28 मामले निपटाए। 3 उत्तराधिकार के केस में 48 हजार के उत्तराधिकार प्रमाणपत्र जारी कराए।
लघु अपराध के 25 केसों में 3100 रुपये जुर्माना किया। विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम रामकिशोर तिवारी ने एनआई एक्ट के 9 मुकदमें निपटाते हुए 8 लाख 26 हजार 110 रुपये पीड़ित पक्ष को दिलवाए। सिविल जज (बबेरू) महेंद्र कुमार पांडेय ने 43 मुकदमों में 12,800 रुपये और सिविल जज (अतर्रा) सर्वेश सिंह यादव ने 102 केसों का निस्तारण कर 13,270 रुपये जुर्माना किया। लोक अदालत में राजस्व विभाग के 4701 मामले निपटाए गए। सबसे ज्यादा 2995 मुकदमे सदर तहसील के निपटे।
बैंकों ने वसूले 79.95 लाख
बांदा। राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंकों के काउंटर पर भी भीड़ रही। विभिन्न बैंकों ने 407 मामलों में सुलह-समझौता करके बकाएदारों/पक्षकारों से 79 लाख 95 हजार 800 रुपये वसूल किए। बीएसएनएल ने भी एक मामला निपटाकर 7434 रुपये जमा कराए।
मुकदमों के साथ सेहत का भी रखा ख्याल
बांदा। राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलह-समझौता करने आए वादकारियों की सेहत का भी ख्याल रखा गया। लोक अदालत परिसर में नेत्र और दंत व फिजियोथेरेपी के मुफ्त चेकअप व चिकित्सा शिविर भी लगाए गए। सैकड़ों लोगों ने फायदा उठाया। नेत्र शिविर में नेत्र विशेषज्ञ नासिर सुलेम ने आंखों की जांच की। दंत चिकित्सक डा. एसपी सिंह ने दांतों का इलाज किया। फिजियोथेरेपिस्ट डा. मोहम्मद शरीफ ने फिजियोथेरेपी से लोगों को चिकित्सा दी। इन शिविरों का भी जिला जज राधेश्याम यादव व अन्य न्यायिक अधिकारियों ने निरीक्षण किया।
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