बांदा। विधानसभा चुनाव कराने और माघ मेला में यात्रियों को लाने ले जाने के लिए बांदा डिपो की 55 बसें भेजी गई हैं। ये सभी बसें अभी तक कानपुर, महोबा और फतेहपुर रूट पर चलती थीं। इन बसों के कम होने से यात्रियों को बस अड्डों पर घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। शनिवार को इन तीनों रूट पर इक्का-दुक्का बसें ही चलीं। थक हारकर यात्रियों को डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ा।
प्रथम चरण के चुनाव के लिए बांदा डिपो से 16, महोबा से छह, हमीरपुर व राठ से तीन-तीन बसें भेज दी गई हैं। इसी प्रकार पहली फरवरी (मौनी आमावस्या) से शुरू होकर माघी पूर्णिमा तक यानी 16 दिन तक चलने वाले माघ मेले में बांदा डिपो से 17, महोबा, हमीरपुर से तीन-तीन व राठ डिपो से चार बसें प्रयागराज के लिए लगाई गई हैं।
यात्रियों ने बताया कि जैसे ही कोई बस आती है उसे चित्रकूट या प्रयागराज भेज दिया जाता है। कुछ कहने पर स्टेशन इंचार्ज बसों की कमी का हवाला देते हैं। कहते हैं कि जहां की सवारी ज्यादा होंगी, वहीं बस जाएगी।
एआरएम परमानंद बोले कि प्रथम चरण के चुनाव में पहले ही 28 बसें भेजी जा चुकी हैं।
इधर, माघी मेला में श्रद्धालुओं के उमड़ने के कारण 28 बसों को प्रयागराज भेजना पड़ा, लेकिन बस सेवा से कोई भी मार्ग खाली नहीं है। बसों के फेरे बढ़ाए गए हैं। प्रयागराज को छोड़कर अन्य मार्गों के यात्रियों को थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा।
तीन घंटे से कर रहे इंतजार
बिंदकी के सुरेश कुमार का कहना है कि वह रिश्तेदारी में बांदा आए थे। वापस घर जाने के लिए बस स्टैंड पर 11 बजे आ गए थे। चार घंटे हो गए, लेकिन फतेहपुर के लिए बस नहीं मिली। पूछने पर बताया जाता है कि जो बस आएगी वही जाएगी।
कानपुर के लिए नहीं मिली बस
फतेहपुर निवासी इरफान ने बताया कि उन्हें कानपुर जाना है। दोपहर दो बजे से वह बस का इंतजार कर रहे हैं। छह बजे हैं, अभी तक बस नहीं मिली। सर्वाधिक बसें प्रयागराज मार्ग में जा रही हैं।
बांदा में बस के इंतजार में बैठे यात्री। - फोटो : BANDA
इरफान - फोटो : BANDA