बांदा। करीब डेढ़ माह से झांसी लैब में हो रही बांदा के सैंपलों की जांच के बाद अब फिर जांच के लिए सैंपलों को लखनऊ पीजीआई भेजा गया है। इसे रेंडम जांच बताया जा रहा है। झांसी से लगातार अधिकांशत: सैंपलों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। पूर्व में यहां के सैंपलाें की जांच लखनऊ में ही होती थी। शुक्रवार को 52 सैंपल पुन: लखनऊ पीजीआई भेजे गए हैं।
सैंपलों की जांच की शुरुआत होने के बाद यहां मेडिकल कालेज से संभावित संक्रमितों के स्वैग सैंपल लखनऊ केजीएमयू और उसके बाद पीजीआई भेजा जाता रहा। 22 अप्रैल को शासन ने बांदा के सैंपल झांसी मेडिकल कालेज में भेजने के निर्देश दिए।
तब से लगातार यहां के सभी सैंपल झांसी भेजे जा रहे हैं। बांदा जनपद से अब तक कुल 2324 सैंपल भेजे जा चुके हैं। इनमें 1039 नमूने राजकीय मेडिकल कालेज और 1285 सैंपल सीएमओ के माध्यम से भेजे गए हैं। इनमें 24 सैंपलों में पॉजिटिव रिपोर्ट आई है। शेष सभी निगेटिव पाए गए हैं।
नरैनी सीएचसी और एल-वन कोविड-19 चिकित्सालय के प्रभारी डा. बीएस राजपूत ने बताया कि शुक्रवार को 52 सैंपल लखनऊ पीजीआई भेजे गए हैं। झांसी से अधिकांशत: निगेटिव रिपोर्ट मिल रही है। ऐसे में लखनऊ से रेंडम जांच कराई जा रही है।
मृतक प्रवासी में नहीं मिले कोरोना के लक्षण
अतर्रा/नरैनी। सूरत से लौटे खम्हौरा गांव निवासी 24 वर्षीय मजदूर की दो दिन पूर्व गांव में मौत हो जाने पर उसके भेजे गए सैंपल की कोरोना जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। प्रशासन और गांव वालों ने राहत की सांस ली है। मजदूर 25 मई को लौटा था। 12 जून को उसकी खुरहंड में शादी तय थी।
बुधवार को उसकी हालत बिगड़ गई। सीएचसी में उसकी मौत हो गई। लक्षण कोरोना संक्रमण जैसे होने पर उसका सैंपल जांच के लिए भेजा गया था। शुक्रवार को आई जांच रिपोर्ट में उसे निगेटिव पाया गया है। हालांकि मृतक प्रवासी के परिजनों की रिपोर्ट नहीं आई है। उधर, मंडलायुक्त गौरव दयाल ने बताया कि 3 जून को भेजे गए 75 सैंपलों में सभी निगेटिव पाए गए हैं।
शुक्रवार को मेडिकल कालेज के आइसोलेशन वार्ड में 47 मरीज भर्ती थे। प्रधानाचार्य डॉ. मुकेश यादव ने सभी की हालत सामान्य बताई है। उन्होंने बताया कि 5 मरीज शुक्रवार को भर्ती किए गए हैं।