कछुआ चाल से हो रहे नेशनल हाईवे निर्माण में ग्रामीणों का जीना दूभर और वाहनों के लिए दुश्वारियां पैदा कर दी है। अधूरी सड़क में जगह-जगह गड्ढे हैं। रात-दिन धूल उड़ रही है। सड़क किनारे दुकानों और मकानों में भारी प्रदूषण हो रहा है।
निर्माण करा रही कार्यदाई संस्था पानी छिड़काव नहीं करा रही। धूल उड़ने से वाहन चालक दूसरे वाहन नहीं देख पा रहे। दुर्घटनाएं हो रही हैं। मैरिज हाल के सामने ऐसी ही दुर्घटना में ट्रक टकरा गए। चालक और क्लीनर बाल-बाल बच गए। दिन-रात जाम भी लग रह है।
कस्बे के राजेंद्र सिंह, पुच्चम सिंह, भीषम प्रजापति, गनेश रैकवार, पारथ कुशवाहा, जगदेव सिंह, शिवशरण शुक्ला, नंदकिशोर सिंह आदि ने निर्माण कार्य के दौरान सड़क में पानी छिड़काव कराने की मांग की है।
उधर, बसहरी गांव निवासी जागेश्वर तिवारी ने थाने में दी तहरीर में कहा है कि मध्य प्रदेश से बालू-गिट्टी लेकर आ रहे ओवरलोड ट्रक और ट्रैक्टर गांव की सीसी सड़कें और नालियां ध्वस्त कर रहे हैं। ट्रक चालकों का कहना है कि पुलिस को पैसा देते हैं।
उधर, ग्राम प्रधान रामदीन ने बताया कि उसके द्वारा लगवाया गया बैरियर तोड़ दिया गया। पुलिस और प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करता। थानाध्यक्ष शैलकुमार सिंह ने कहा कि शिकायतीपत्र मिला है। कुछ ट्रैक्टर बसहरी गांव के ही हैं। उनसे नाली व खड़ंजा क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
नेशनल हाईवे के निर्माण ने किया जीना दूभर