लोकसभा चुनाव में यूपी-एमपी सरहद पर दोनों ही सूबों के प्रशासन और पुलिस चौकन्ना हैं। सीमावर्ती इलाकों और गांवों में चुनाव या मतदान में खलल डालने या कोई अन्य गड़बड़ी पैदा करने की संभावना के मद्देनजर अपराधियों को चिन्हित किया गया है।
उन पर कड़ी नजर रहेगी। दोनों सूबों की पुलिस ने अपराधियों और अराजकतत्वों की सूचियां बनाकर एक-दूसरों को सौंप दी हैं। तय किया है कि चुनाव के दौरान पूरे समय दोनों राज्यों के सीमावर्ती अफसर और पुलिस एक-दूसरे के संपर्क में रहकर तालमेल बनाए रखेंगे।
सोमवार को खजुराहो (एमपी) में सीमावर्ती जिलों के अफसरों की संयुक्त बैठक हुई। सीमा पर चुनाव को प्रभावित करने वाले आपराधिक तत्वों से निपटने के लिए रणनीति बनाई गई। बैरियर लगाकर 24 घंटे निगरानी और वाहनों की चेकिंग का फैसला लिया गया।
बैठक में शामिल बांदा डीएम हीरा लाल और एसपी गणेश प्रसाद साहा ने बताया कि सीमावर्ती जिलों के अधिकारी वाट्सअप ग्रुप बनाकर आपस में संपर्क बनाए रखेंगे। फरार, ईनामी और वांरटी अपराधियों की धरपकड़ के लिए एक-दूसरे का सहयोग करेंगे।
डीएम ने बताया कि मतदान तारीखों के 24 घंटे पूर्व शराब की दुकानें बंद कर दी जाएंगी। लाइसेंसी शस्त्र भी जमा होंगे।
बैठक में चित्रकूटधाम (यूपी) मंडलायुक्त शरद कुमार सिंह, डीआईजी एके राय सहित झांसी मंडल के कमिश्नर व डीआईजी और बांदा, चित्रकूट, महोबा और झांसी तथा छतरपुर, पन्ना, सागर आदि जनपदों के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक तथा सागर संभाग के कमिश्नर मनोहर दुबे शामिल रहे।
यूपी-एमपी ने सीमावर्ती अपराधियों की सूची सौंपी
दोनों राज्यों के अफसरों ने बनाई संयुक्त रणनीति
खजुराहो में दोनों सूबों के अफसरों की हुई बैठक