फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

15 दिन में चालू होगी 500 एकड़ सिंचाई परियोजना

विज्ञापन
कृषि विश्वविद्यालय स्थित वानिकी महाविद्यालय में टिश्यू कल्चर लैब के उद्घाटन में फीता काटते कृष? - फोटो : BANDA
विज्ञापन
बांदा। बुंदेलखंड के किसानों की दशा सुधारने के लिए प्रदेश सरकार कई योजनाओं पर काम करने जा रही है। यह जानकारी कृषि, कृषि शिक्षा मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने शुक्रवार को सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत में दी। उन्होंने केन नदी पर बनाई गई बालाजी लघु डाल (करिया नाला) परियोजना का निरीक्षण भी किया।
विज्ञापन

कृषि मंत्री ने 18 करोड़ की इस परियोजना को 15 दिन के अंदर चालू करने के निर्देश कार्यदायी संस्था को दिए। इस परियोजना से कृषि विश्वविद्यालय की 600 एकड़ भूमि और कनवारा गांव के किसानों की 500 एकड़ (बिजली खर्च अदा करने की शर्त पर) भूमि के लिए पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
कृषि मंत्री ने कृषि विश्वविद्यालय परिसर में समन्वित कृषि प्रणाली इकाई (आईएफएस) का लोकार्पण और टिश्यू कल्चर प्रयोगशाला का उद्घाटन किया। शुष्क खेती पर शोध परियोजना के तहत 12 हेक्टेयर में लगाए गए फलदार पौधों का निरीक्षण किया। करिया नाला में इमली और विश्वविद्यालय परिसर में कर्दम और पलास के पौधे रोपे।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि खेत-तालाब योजना में चित्रकूटधाम मंडल में पांच हजार से ज्यादा तालाबों का लक्ष्य दिया गया है। इसके अलावा दलहन-तिलहन में बुंदेलखंड के किसानों को 80 फीसदी अनुदान दिया जाएगा। चित्रकूटधाम मंडल में जल संचयन के लिए पुरानी हवेलियों को पुनर्जीवित किया जाएगा। साथ ही मंडल के कृषि विज्ञान केंद्रों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किए जाने की योजना है।
कृषि मंत्री के कार्यक्रमों में सांसद आरके सिंह पटेल, विधायक प्रकाश द्विवेदी, राजकरन कबीर, चंद्रपाल कुशवाहा, जिलाध्यक्ष रामकेश निषाद, पूर्व अध्यक्ष लवलेश सिंह, बालमुकुंद शुक्ला, संतोष कुमार गुप्ता, जगराम सिंह सहित कृषि विश्वविद्यालय कुलपति डा.यूएस गौतम, संयुक्त कृषि निदेशक वीके सिंह, कृषि विज्ञान केंद्र अध्यक्ष श्याम सिंह, उप निदेशक सूचना भूपेंद्र यादव, उप निदेशक एके ङ्क्षसह आदि शामिल रहे।
मॉडल कृषि फार्म बनेगा अतर्रा का फार्म
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि अतर्रा स्थित कृषि फार्म को मॉडल फार्म के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए प्रदेश सरकार 2.82 करोड़ रुपये देगी। मंत्री ने कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों से चित्रकूटधाम मंडल के 10 गांवों को चिह्नित करने और कम से कम दो गांव गोद लेने को कहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें