‘लाल सोना’ (बालू) खदानों का पट्टा हथियाने के लिए प्रदेश के धुरंधर बालू कारोबारियों ने टेंडर डाले हैं। इनके अलावा दिल्ली की डायमिक सिलिकान कंपनी भी है। शुक्रवार को डीएम के कलेक्ट्रेट स्थित चेंबर में भारी सुरक्षा के बीच सीलबंद टेंडर खोले गए।
15 घाटों के पट्टे के लिए लगभग 45 टेंडर पड़े हैं। खनिज विभाग ने इन खदानों की वार्षिक पट्टा रॉयल्टी दो करोड़ 72 लाख 64 हजार रुपये निर्धारित की थी।
यमुना, केन और बागै नदियों में सादीमदनपुर, सबादा खादर, मरका खादर, सिंधनकलां, बदौसा और लोहरा गांवों में नदियों के घाट का बालू पट्टा दिए जाने के लिए जनवरी माह में टेंडर जारी किए गए थे। 30 जनवरी टेंडर डालने की अंतिम तिथि थी।
शुक्रवार को एडीएम/खनिज प्रभारी डीएस पांडेय और बांदा व चित्रकूट के खनिज अधिकारी तथा वनाधिकारी की उपस्थिति में सीलबंद टेंडर खोले गए। बागै नदी के लोहरा गांव की खदान के लिए दिल्ली की डायमिक सिलीकान प्राइवेट लिमिटेड ने भी टेंडर डाला है। इस घाट के लिए कुल सात टेंडर आए हैं। 15 खदानों में यह सबसे बड़ी (120 एकड़) खदान है।
सिंधनकलां (केन नदी) खदान (45 एकड़) के लिए नौ टेंडर पड़े। बांदा की बालू का कारोबार करने के लिए नई दिल्ली के साथ ही आजमगढ़, लखनऊ, कानपुर आदि महानगरों के लोगों ने भी टेंडर डाले हैं। टेंडर खोलने का काम देर रात तक जारी था। पुलिस फोर्स सुरक्षा में लगी थी।