बांदा। ‘यूनिवर्सल सैनिटेशन कवरेज’ सर्वे में ग्राम पंचायतें लापरवाही बरत रही हैं। नोडल अधिकारियों ने शौचालय के पुनर्सत्यापन में जिले के 4240 आवेदक मृत, अज्ञात और अपात्र पाया है। डीएम ने डीपीआरओ को ऐसे आवेदकों के नाम सूची से हटाने के लिए शासन को पत्र भेजने के आदेश दिए हैं।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले को वर्ष 2018 में ओडीएफ घोषित किया गया था। शासन के निर्देश पर वर्ष 2019-20 में शौचालय विहीन परिवारों का ग्राम पंचायत सचिवों के माध्यम से तीन चरणों में यूनिवर्सल सैनिटेशन कवरेज सर्वे कराया गया था। इसमें जिले के 76556 परिवार शौचालय विहीन पाए गए थे।
इतनी बड़ी संख्या में शौचालय विहीन परिवारों के पाए जाने पर पंचायती राज विभाग के मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने नाराजगी जताई थी। डीएम को शौचालय विहीन परिवारों का पुन: सत्यापन कराने के लिए टीमें गठित करने के निर्देश दिए थे। इस पर मई 2019 में नोडल अधिकारियों ने यूनिवर्सल सैनिटेशन कवरेज सर्वे का पुन: सत्यापन किया।
इसमें जिले के 4240 आवेदक मृत व अज्ञात पाए गए। इस बाबत जिला पंचायतराज अधिकारी संजय यादव ने बताया कि सत्यापन में अपात्र पाए गए आवेदकों के नाम काटने के लिए निदेशालय को पत्र भेजा गया है। जिम्मेदार सचिवों से जवाब मांगा है।