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418 मजदूरों को घरों से उठाकर क्वारंटीन सेंटर भेजा

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शहर के कैलाशपुरी में लोगों का ब्योरा जुटाती स्वास्थ्य टीम। - फोटो : BANDA
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बांदा। लॉकडाउन के बाद यहां महानगरों से लौटने वालों का सिलसिला थम गया है, लेकिन काफी तादाद में लौटे ये मजदूर प्रशासन की नजरों से बचकर सीधे अपने घरों को पहुंच गए हैं। अब इनकी खोजबीन की जा रही है। सोमवार को ऐसे 418 मजदूरों को प्रशासन की टीमों ने घरों से खोज निकाला और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य परीक्षण कराया। यहां के बाद उन्हें क्षेत्रीय क्वारंटीन सेंटरों में भेज दिया गया है।
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लॉकडाउन घोषित होने के बाद लगभग 10 दिनों तक रोजाना लगभग बड़ी संख्या में महानगरों से मजदूरों का लौटना जारी रहा। इनका जिला अस्पताल में चेकअप कराने के बाद जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में बनाए गए 36 क्वारंटीन सेंटरों में भेज दिया गया है। इनकी तादाद 8452 बताई गई है। यह वहीं रह रहे हैं। इसी दौरान कुछ मजदूर प्रशासन से लुकछिपकर सीधे अपने घर पहुंच गए। अब इन्हीं की तलाश चल रही है।
विकास भवन में बनाए गए कंट्रोल रूम प्रभारी बीएसए हरिश्चंद्रनाथ ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा कंट्रोल रूम को दी गई सूचना पर बबेरू में 84, बिसंडा में 35, कमासिन में 35, महुआ में 30, नरैनी में 90, पैलानी में 85, बदौसा में 38, ओरन में 10 और बड़ोखर में 11 मजदूरों को उनके घरों से लाकर अस्पतालों में स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। यहां के बाद उन्हें क्वारंटीन सेंटर भेज दिया गया।
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उधर, कमासिन, बदौसा, ओरन के क्वारंटीन सेंटरों में बीमार 20 मजदूरों का चिकित्सा टीम भेज कर जांच कराई गई। इन्हें मामूली सर्दी जुकाम था। उधर, इंदौर से लौटे बबेरू क्षेत्र के बड़ा गांव निवासी पलायित दो मजदूर युवकों को भी जांच के बाद क्वारंटीन सेंटर भेजा गया है। उधर, सोमवार को डा.विष्णु गुप्ता के नेतृत्व में सात सदस्यीय टीम ने झंडा चौराहा, कैलाशपुरी में घर-घर जाकर लोगों का ब्योरा जुटाया। सीएमओ डा.संतोष कुमार ने बताया कि शहर में 10 टीमें इसमें लगाई गई हैं।
आइसोलेशन में 5 और क्वारंटीन वार्ड में 41 भर्ती
9 लोगों की और रिपोर्ट निगेटिव आई, नरैनी भेजे गए
मेडिकल कालेज में अब कुल 46 लोग भर्ती
पॉजिटिव मरीजों के परिजनों के नमूने जांच को गए
अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। राजकीय मेडिकल कालेज में कोविड-19 के संदेहास्पद और पॉजिटिव मरीजों की मानीटरिंग और इलाज जारी है। सोमवार को यहां इनकी कुल संख्या 46 रही। इनमें ज्यादातर पॉजिटिव केस वाले दोनों मरीजों के परिजन हैं। क्वारंटीन वार्ड में 41 लोग भर्ती हैं। जबकि आइसोलेशन वार्ड में 5 लोगों को रखा गया है। इनमें दो पॉजिटिव रिपोर्ट वाले और तीन संभावित मरीज शामिल हैं। उधर, रविवार की देर रात यहां भर्ती 9 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई। उन्हें नरैनी सीएचसी में बनाए गए आइसोलेशन वार्ड में भेज दिया गया है।
मेडिकल कालेज के आइसोलेशन विशेष वार्ड में बांदा शहर और शिव गांव निवासी दो पॉजिटिव मरीज भर्ती हैं। हालांकि उनका स्वास्थ्य ठीक बताया जा रहा है। शहर के गूलरनाका निवासी पॉजिटिव मरीज और उसके परिवार के 15 सदस्य तथा शिव गांव में मिले पॉजिटिव मरीज की मां समेत कुल 28 लोगों की जांच के लिए स्वॉब नमूने रविवार को लखनऊ भेजे गए हैं। सोमवार को देर रात तक इनकी रिपोर्ट आने की उम्मीद है।
उधर, आइसोलेशन वार्ड में भर्ती पॉजिटिव मरीजों की फोन सुविधा खत्म कर दिए जाने पर मरीज या उनके परिजन परेशान और क्षुब्ध हैं। उनका कहना है कि एक-दूसरे का हालचाल और तबियत नहीं ले-दे पा रहे। आइसोलेशन और क्वारंटीन वार्ड दोनों में ही सिर्फ संबंधित डाक्टर को छोड़कर अन्य सभी का प्रवेश पूरी तरह निषेध है।
हथौरा के सभी छात्रों की रिपोर्ट निगेटिव
बांदा। विश्वविख्यात हथौरा मदरसा के क्वारंटीन किए गए सभी चार छात्रों की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी फिलहाल मदरसा परिसर का क्वारंटीन ही रखा गया है। मदरसे में मौजूद कई सैकड़ा छात्र और स्टाफ मदरसे से बाहर नहीं जा रहे। न ही कोई बाहरी व्यक्ति मदरसे में दाखिल हो रहा है। छात्रों की निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद मदरसा छात्रों और गांव के लोगों ने राहत महसूस करते हुए खुशी जताई है। पुलिस की तैनाती में क्वारंटीन व्यवस्था चल रही है।
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