बांदा। डीपीआर तैयार होने के बाद राज्य पेयजल व स्वच्छ भारत मिशन की नमामि गंगे ग्रामीण पेयजल योजना पर काम शुरू हो गया है। इस योजना से बांदा जिले के 371 गांवों/मजरों की 10 लाख की आबादी को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का दावा है। जलापूर्ति भूजल और यमुना नदी से होगी।
योजना के तहत बड़ोखर ब्लाक के अमलीकौर और बबेरू ब्लाक के खटान गांव में जल शोधन संयंत्र और ओवरहेड टैंक बनाए जाएंगे। यहां से पाइप लाइन से 220 गांवों को जलापूर्ति की जाएगी। इसी तरह भू-जल योजना के तहत 28 गांवों में नलकूप लगाकर 151 छोटे-बड़े गांवों में पानी की आपूर्ति की जाएगी।
मिशन निदेशक सुरेंद्र राम ने डीएम को भेजे पत्र में एक माह के अंदर जलशोधन संयंत्र (सीडब्ल्यूआर) और जलाशय व नलकूप के लिए भूमि उपलब्ध कराने को कहा है। एडीएम संतोष बहादुर सिंह ने बताया कि भूमि के लिए एसडीएम को निर्देश दे दिए गए हैं। अमलीकौर सहित कई गांवों में भूमि उपलब्ध हो गई है। अन्य गांवों में भी जल्द उपलब्ध हो जाएगी।
इन गांवों में लगेंगे नलकूप
जसपुरा ब्लाक में मड़ौली खुर्द, मड़ौली कलां, केवटरा पुरवा (सिकहुला), नरजिता, जसपुरा, पड़ोहरा, बरेहटा, झंझरी, कुम्हरिया डेरा, खेरी (गड़रिया), अमारा, इछावर, नारायणपुर, नांदनमऊ, गड़ौला, रामपुर, अदरी, पचकौरी, खप्टिहा खुर्द, लसड़ा और बड़ागांव। बड़ोखर ब्लाक में मटाैंध, मरौली, गोयरा मुगली, चमरहा, जखौरा व कमासिन ब्लाक में कुचौली व मरौली।