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दो विधायकों ने दिए 35 लाख, सांसदों का ठेंगा

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बांदा। कोरोना-19 से बचाव के लिए सुरक्षा उपकरणों की खरीद को सदर विधायक और नरैनी विधायक को छोड़कर अभी तक किसी भी सांसद व विधायक ने निधि से पैसा नहीं दिया है। ऐसे में मरीजों के बेहतर इलाज में उपकरणों व मानव संसाधनों की कमी आड़े आ रही है। इसके लिए जिलाधिकारी आनंद कुमार सिंह ने सांसद और विधायकों से सहयोग मांगा है।
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डीएम ने हमीरपुर-महोबा-तिंदवारी सांसद पुष्पेंद्र सिंह चंदेल, राज्यसभा सांसद विशंभर प्रसाद निषाद सहित चारों विधायकों को भेजे गए पत्र में कहा कि जनपद में कोविड-19 से बचाव के लिए सुरक्षा उपकरणों व मानव संसाधनों की खासी कमी है।
विधान मंडल क्षेत्र की विकास निधि में शासन ने सरकारी अस्पताल व मेडिकल कालेजों में ऑक्सीजन प्लांट स्थापना, ऑक्सीजन सिलिंडर, प्रॉक्योरमेंट, टेस्टिंग, स्क्रीनिंग, आईसीयू, वेंटिलेटर, आरटीपीसीआर जांच मशीन, बेड आदि के क्रय के लिए गत वर्ष व इस वर्ष आंशिक संशोधन किया है।
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सांसद, विधायक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कालेजों को निधि से ज्यादा से ज्यादा से राशि दे सकते हैं, जबकि पहले महज 25 लाख राशि तक देने का अधिकार था। डीएम ने कहा कि निधि का वार्षिक परिव्यय तीन करोड़ रुपये है।
चालू वित्तीय वर्ष में शासन ने निधि की आधी राशि डेढ़ करोड़ रुपये जारी कर दी है। सांसद और विधायक चाहें तो निधि से अस्पतालों व मेडिकल कालेज में कोविड-19 के बचाव के लिए सुरक्षा उपकरणों आदि की खरीद के लिए धनराशि स्वीकृत करने की संस्तुति पत्र दे सकते हैं।
दो विधायकों ने दी 35 लाख की निधि
चालू वित्तीय वर्ष में सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी ने ऑक्सीजन सिलिंडर, हैंड सैनिटाइजर, मास्क व दवाओं की खरीद के लिए 25 लाख रुपये निधि से दिए हैं। नरैनी विधायक राजकरण कबीर ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नरैनी में ऑक्सीजन प्लांट में जनरेटर सुविधा मुहैया कराने को 10 लाख निधि से दिए हैं। नरैनी में ऑक्सीजन प्लांट आबकारी विभाग द्वारा बनवाया जा रहा है। हालांकि, जिले की आबादी के मुताबिक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं में जनप्रतिनिधियों द्वारा दी गई यह राशि ऊंट के मुंह में जीरा है।
अस्पताल गोद लिए, पर नहीं दिया धेला
हाल ही में यहां आए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनप्रतिनिधियों को निर्देश दिए थे कि वह अपने क्षेत्र के एक-एक अस्पताल को गोद लेकर उसमें सभी स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराएं। जनपद में सांसद व विधायकों ने अस्पतालों को गोद तो ले लिया, लेकिन अभी तक निधि से धेला नहीं दिया।
अभी तक महज सदर विधायक द्वारा 25 लाख रुपये निधि से स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दिए जाने की संस्तुति की है। बजट जारी हो गया है। वहीं नरैनी विधायक द्वारा 10 लाख रुपये जेनरेटर के लिए निधि से दिए जाने की संस्तुति की है। अन्य जनप्रतिनिधियों से निधि संबंधी कोई संस्तुति पत्र नहीं मिला है।
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-आरपी सिंह, जिला ग्राम्य विकास अधिकारी, बांदा।
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