बांदा। विकास प्राधिकरण शहर विस्तारीकरण योजना के तहत बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के किनारे महोखर और मवई में ग्रीन सिटी विकसित करेगा। इसके लिए 35 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण होना है। जमीन खरीदने में करीब 79 करोड़ रुपये खर्च आएगा। इसमें 50 प्रतिशत सरकार और 50 प्रतिशत धनराशि बीडीए खर्च करेगा। पहली किस्त में 20 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। 79 करोड़ में आधा पैसा सरकार देगी।
मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना में बांदा भी शामिल है। इसमें बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के किनारे बांदा-कानपुर व बांदा-फतेहपुर मार्ग के बीच में महोखर व मवई गांव की जमीन चिह्नित की गई है। पहले फेज में करीब 35 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। भूमि अधिग्रहण में बीडीए का करीब 79 करोड़ रुपये खर्च होना है। इसमें प्रदेश सरकार आधी धनराशि देगी। 40 करोड़ रुपये में सरकार ने पहली किस्त के रूप में 20 करोड़ रुपये बीडीए को आवंटित कर दिए हैं।
भूमि अधिग्रहण में यह राशि खर्च होने के बाद शासन से दूसरी किस्त जारी होगी। अधिग्रहीत की गई इस जमीन में विकास प्राधिकरण की ओर से आवासीय भूखंड के साथ व्यवसायिक, विद्यालय, सामुदायिक व अन्य सुविधाओं के भूखंड होंगे। बीडीए की ओर से यहां ग्रीन सिटी विकसित की जाएगी। यहां चौड़ी सड़कें, पार्क और बिजली, पानी, स्ट्रीट लाइट, खेलकूद के मैदान व अन्य सार्वजनिक सुविधाओं से इसे लैस किया जाएगा। इसके बाद भूखंडों का आवंटन किया जाएगा। बीडीए अधिकारियों का कहना है कि करीब दो वर्ष में ग्रीन सिटी बनकर तैयार हो जाएगी। एक्सप्रेसवे के किनारे होने के कारण यहां विद्यालय व व्यवसायों के लिए बेहतर अवसर हैं।
भूखंड के लिए शुरू हुई आवेदन प्रक्रिया
विकास प्राधिकरण के सचिव संदीप केला ने बताया कि शहर विस्तारीकरण योजना में ग्रीन सिटी विकसित की जा रही है। इसके लिए भूखंड के लिए डिमांड सर्वे कराया जा रहा है। बीडीए की वेबसाइट पर कोई भी व्यक्ति भूखंड के लिए आवेदन कर सकता है। साथ ही इस संबंध में जानकारी हासिल कर सकता है।
यूपीडा विकसित कर रहा औद्योगिक गलियारा
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के इस पार जहां बीडीए की ग्रीन सिटी विकसित की जा रही हैए वहीं यूपीडा भी एक्सप्रेसवे के उस पार औद्योगिक गलियारा विकसित कर रहा है। इसके लिए 100 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है। यहां नामचीन कंपनियां और निवेशक उद्यम लगाएंगे। इससे उद्योगों से खाली जनपद बांदा दशक भर के अंदर बदला नजर आएगा।
वर्जन-
-शहर विस्तारीकरण योजना में अब धनराशि मिलने के बाद तेजी आएगी। जमीन चिह्नित कर ली गई है। राजस्व विभाग के सहयोग से जमीन की रजिस्ट्री का काम जल्द शुरू किया जाएगा। -आरपी यादव, प्रभारी एक्सईएन, बांदा विकास प्राधिकरण।