बांदा। कृषि क्षेत्र में भी युवाओं के लिए अपार संभावनाएं हैं। पिछले दो वर्षों से कोरोना काल में बेरोजगारी से जूझ रहे युवाओं को यहां कृषि विश्वविद्यालय में एक नई उमंग मिली है। विश्वविद्यालय के 32 छात्रों ने अपनी योग्यता के दमखम पर कैंपस रिक्रूटमेंट में कृषि क्षेत्र की एक अग्रणी कंपनी में सफलता हासिल की है। यह सभी छात्र उद्यान महाविद्यालय के हैं।
बुंदेलखंड में भले ही खेती को घाटे का सौदा समझा जाने लगा हो पर अभी भी इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर कम नहीं हुए। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां कृषि क्षेत्र में दिलचस्पी रखने वाले युवाओं को अपना रही हैं। इसी श्रृंखला में बांदा स्थित कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में उद्यान महाविद्यालय के 32 छात्रों को सफलता हाथ लगी है। कृषि क्षेत्र में अग्रणी मानी जाने वाली कंपनी दयाल ग्रुप में उनका चयन हुआ है।
विश्वविद्यालय कुलपति प्रो.नरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि छात्रों को यह सफलता उनकी मेहनत और डायरेक्ट्रेट ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट द्वारा लगातार छात्रों का भविष्य संवारने की हो रहीं कोशिशों का नतीजा है। कृषि क्षेत्र व्यापक होने के साथ-साथ रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करता है। कुलपति ने छात्रों के अभिभावकों और निदेशक प्रो.भानु प्रकाश मिश्रा को भी सराहा।
निदेशक मिश्र ने बताया कि छात्रों के चयन की प्रक्रिया तीन चरणों में हुई है। पहले चरण में 63 छात्रों का ऑनलाइन साक्षात्कार लिया गया। इसमें 49 चयनित हुए। दूसरे चरण में परीक्षा कराई गई। जिसमें चयनित छात्रों का अंतिम साक्षात्कार हुआ। निदेशक ने बताया कि इन छात्रों को शुरूआत में साढ़े 3 से साढ़े 4 लाख रुपये सालाना पैकेज पर काम मिलेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि निदेशालय ने छात्र-छात्राओं के लिए विशेष मॉडल पर काम शुरू कर दिया है। आने वाले समय में देश की कई नामचीन कंपनियां इस विश्वविद्यालय में कैंपस रिक्रूटमेंट के लिए आएंगी। निदेशालय जल्द ही एकेडमिया इंडस्ट्री समिट करवाने की योजना पर भी काम करेगा।