बांदा। राष्ट्रीय लोक अदालत में 32,806 मुकदमे सुलह-समझौते से निस्तारित किए गए। 25 लाख 661 रुपये जुर्माना और 70 लाख 68 हजार रुपये हर्जाना लगाया गया। इन मुकदमों में 32,832 लोग जुड़े थे।
शनिवार को जिला मुख्यालय सहित तहसीलों में राष्ट्रीय लोक अदालत जनपद न्यायाधीश गजेंद्र कुमार की अध्यक्षता में हुई। उन्होंने 11 मुकदमों में सुलह समझौते कराते हुए 4500 रुपये जुर्माना किया। प्रधान न्यायाधीश (परिवार न्यायालय) नीरज कुमार ने 73 और मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी धर्मेंद्र कुमार पांडेय ने 32 मामले निपटाकर 70 लाख 68 हजार रुपये हर्जाना बीमा कंपनियों से दिलवाया।
प्रथम एडीजे मोहम्मद अशरफ अंसारी ने सात, एडीजे/एससीएसटी एक्ट मोहम्मद कमरुज्जमां खान ने दो, एडीजे (पाक्सो एक्ट) अनु सक्सेना ने एक और एडीजे (दस्यु प्रभावित क्षेत्र) ऋषि कुमार ने एक मामला निस्तारित किया। एडीजे (ईसी एक्ट) ऋषि कुमार ने बिजली अधिनियम के 67 मामलों में 4,62,481 रुपये जुर्माना किया।
सीजेएम भारतेंदु प्रकाश गुप्ता ने 425 मामलों में 1,26,750 रुपये जुर्माना किया। सिविल जज (सीनियर डिवीजन) नदीम अनवर ने 72 उत्तराधिकार और चार दिवानी सहित 71 मामले निस्तारित किए। एसीजेएम (रेलवे) प्रेम बहादुर सिंह ने 127 मामले में 97,700 रुपये, एसीजेएम प्रथम गरिमा सिंह ने 256 मामलों में 16,58,080 रुपये, अपर सिविल जज (जूनियर डिवीजन) प्रथम सौम्या मिश्रा ने 81 सिविल मामले निस्तारित किए।
इनके अलावा अपर सिविल जज सुश्री शालिनी, मनीषा साहू, कंचन ने भी कई मामले निपटाए। सिविल जज (अतर्रा) नितिन सिंह, सिविल जज (बबेरू) सौरभ आनंद ने क्रमश: 16 व 50 मामलों का निस्तारण किया। विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट रामकिशोर तिवारी ने 23 मामले निपटाते हुए 40,33,886 रुपये वसूल कराए। स्थायी लोक अदालत अध्यक्ष कमलेश दुबे ने तीन मामले निपटाए। बैंकों ने 222 बकाएदारों से सुलह करके 3,77,05,000 रुपये वसूले।