बांदा। नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के विरोध में गुरुवार (19 दिसंबर) को कलक्ट्रेट के पास धरना प्रदर्शन कर धारा-144 के उल्लंघन के आरोप में सपा के राज्यसभा सांसद विशंभर प्रसाद निषाद और नगर पालिका अध्यक्ष मोहन साहू सहित सपा के 31 नेताओं और 150 अज्ञात कार्यकर्ताओं के विरुद्ध धारा-188 आईपीसी का मुकदमा दर्ज किया गया है।
पिछले गुरुवार को सपाइयों ने प्रदेश व्यापी आह्वान के तहत कलक्ट्रेट के पास धरना प्रदर्शन और सभा की थी। हालांकि रात में कई सपा नेताओं के घर नोटिस चस्पा कर ऐसा न करने का निर्देश दिया गया था, लेकिन सपाई नहीं माने। धरने के दौरान सपाइयों की पुलिस से नोकझोंक भी हुई थी। पुलिस कई सपा नेताओं को पुलिस लाइन ले गई थी बाद में उन्हें छोड़ दिया था। अब पुलिस ने शनिवार (21 दिसंबर) को सपा नेताओं पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।
इन सपा नेताओं पर दर्ज हुआ मुकदमा
बांदा। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक दिनेश सिंह ने द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट में सपा राज्य सभा सांसद विशंभर प्रसाद निषाद, पूर्व जिलाध्यक्ष शमीम बांदवी, नगर पालिका अध्यक्ष मोहन साहू, जिला पंचायत पूर्व अध्यक्ष प्रतिनिधि लाखन सिंह, पूर्व विधायक विशंभर सिंह यादव, पूर्व अध्यक्ष रिजवान उर्फ राजू, आमना खातून (करतल), रामकिशोर राजपूत (कालिंजर), पूर्व जिलाध्यक्ष बद्री प्रसाद यादव, हिमंाशु गुप्ता, अमित खरे, मनीष गुप्ता, हनीफ (नरैनी), अवधेश सिंह ब्लाक प्रमुख (नरैनी), निर्भय सिंह मोंटी, आकाश साहू, राममिलन यादव, जगमोहन यादव, शाहिद (कलहरा), मुन्ना यादव (पनगरा), ओम नारायण त्रिपाठी उर्फ विदित, हरीबहादुर यादव (पनगरा), शिवशंकर यादव, रेशू पांडेय, मइयादीन, बउवा सिंह परिहार, प्रदीप यादव, उमेश यादव, खिलाड़ी खां (करतल), और साधु यादव (करतल) को नामजद अभियुक्त बनाया है। इसके अलावा 150 अज्ञात कार्यकर्ताओं को भी अभियुक्त बनाया है। विवेचना उप निरीक्षक राहुल सिंह करेंगे।