बांदा। शहर के पांच परीक्षा केंद्रों में रविवार को बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा आयोजित हुई। परीक्षा में 2092 अभ्यर्थी शामिल हुए, जबकि 268 प्रतिभागी गैरहाजिर रहे। दो पालियों में हुई परीक्षा के दौरान सीसीटीवी कैमरों से केंद्रों पर नजर रखी गई। वहीं केंद्रों में सुरक्षा व्यवस्था के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित बीएड संयुक्त परीक्षा के लिए जिले में पांच केंद्र आदर्श बजरंग इंटर कॉलेज, डीएवी इंटर कॉलेज, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, पंडित जवाहर लाल नेहरू महाविद्यालय और राजकीय महिला महाविद्यालय केंद्र बनाए गए थे। सभी केंद्रों में 480-480 अभ्यर्थियों के लिए व्यवस्था की गई थी। नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए तीन सेक्टर व पांच स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए थे। केंद्रों में प्रवेश पत्र व पहचान पत्र के बिना अभ्यर्थियों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। मुख्य द्वार पर त्रिस्तरीय जांच के बाद ही प्रतिभागी परीक्षा में शामिल हो सके। वहीं कक्षों में सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी गई। सुरक्षा के लिहाज से सभी केंद्रों में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। परीक्षा के जिला समन्वयक पं जेएन पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. केएस कुशवाहा ने बताया कि सभी केंद्रों पर सकुशल परीक्षा संपन्न कराई गई। कोई भी नकल सामग्री या नकल करते नहीं पकड़ा गया।
केंद्र का नाम, परीक्षार्थी, पहली पाली, दूसरी पाली,
आदर्श बजरंग इंटर काॅलेज, 480, 434/46 433/47,
डीएवी इंटर कॉलेज, 480, 441/39 439/41,
जीजीआईसी, 480, 431/49 429/51,
जेएन पीजी कॉलेज, 480, 415/65, 414/66,
राजकीय महिला महाविद्यालय, 440, 377/63, 377/63,
कुल, 2360, 2098/262, 2092/268
बिना पहचान नहीं दे पाए परीक्षा
बीएड प्रवेश परीक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए थे। परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थी बिना प्रवेश पत्र व पहचान पत्र के प्रवेश नहीं पा सके। आदर्श बजरंग इंटर कॉलेज व जेएन पीजी कॉलेज सहित अन्य केंद्रों में कई ऐसे परीक्षार्थी रहे जो प्रवेश पत्र तो साथ लाए थे, किंतु पहचान पत्र न होने के चलते परीक्षा में शामिल नहीं हो सके। केंद्र प्रभारी से प्रवेश के लिए आरजू मिन्नत के बाद भी उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया।
चटख धूप में परेशान रहे परीक्षार्थी
प्रवेश परीक्षा के लिए प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम कराए थे। लेकिन भीषण गर्मी व चटकती धूप परीक्षार्थियों को परेशान किए रही। पहली पाली की परीक्षा के बाद दो घंटे का अंतराल प्रतिभागियों ने सड़कों पर घूमकर पूरा किया। केंद्रों के आसपास छाया न होने से वह छायादार स्थान की तलाश करते रहे। कई परीक्षार्थी पीने के पानी की तलाश में जुटे रहे। आसपास की दुकानों में मौके का फायदा उठाते हुए दुकानदारों ने सामान महंगा कर रखा था।