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हाईस्कूल के 22,787 परीक्षार्थी बिना परीक्षा पास

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बांदा। जनपद के 22,787 हाईस्कूल बोर्ड परीक्षार्थियों में बिना परीक्षा दिए ही अगली कक्षा में प्रमोट करने से खुशी की लहर है। कोरोना संक्रमण काल में आधी-अधूरी तैयारी के बीच परीक्षा देने का संशय अब समाप्त हो गया। सभी परीक्षार्थी बिना परीक्षा दिए अगली कक्षा में प्रमोट किए जाएंगे।
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शासन का आदेश आने के बाद मेधावी और सामान्य छात्रों ने इसे सहर्ष स्वीकार कर लिया है। अभिभावक और प्रधानाचार्यों ने भी शासन के इस निर्णय को वर्तमान परिस्थिति के अनुकूल बताया है। इस वर्ष हाईस्कूल यूपी बोर्ड परीक्षा में 12,724 छात्र और 10,063 छात्राएं पंजीकृत हैं। इन सभी के कक्षा 11वीं में प्रवेश का रास्ता साफ हो गया। शासन के आदेश पर माध्यमिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज ने इन परीक्षार्थियों के प्री बोर्ड परीक्षा अंकों के आधार पर उत्तीर्ण करने का निर्णय लिया है। अर्थात जिस छात्र ने प्री बोर्ड परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन किया है, उसे उसी आधार पर हाईस्कूल में अंक मिलेंगे। शासन का यह फैसला आने पर बोर्ड परीक्षार्थियों में खुशी की लहर है।
परीक्षार्थियों के हित में बेहतर फैसला
कोविड-19 के बढ़ते प्रसार को देखते हुए परीक्षार्थियों के हित में बेहतर निर्णय है। हालांकि, शासन के इस आदेश से मेधावी छात्र-छात्राओं में मायूसी है। वह परीक्षा देना चाहते थे, लेकिन मानवीय दृष्टिकोण से वह इसे सहर्ष स्वीकार कर रहे हैं। शासन का जो भी निर्णय आएगा, वह उसे सहर्ष स्वीकार करेंगी।
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-डॉ. अमिता सिंह, प्रधानाचार्य, सरस्वती बालिका विद्या मंदिर, केन पथ, बांदा।
मेधावी अगली कक्षा में अपने को साबित करें
प्रतियोगी परीक्षाओं से मेरिट का सिस्टम लगभग अब खत्म हो गया है। इससे हाईस्कूल में किस विद्यार्थी को कितने अंक मिले, इसका महत्व अब नहीं है। मेधावी अगली कक्षा में अच्छा प्रदर्शन करें। अपने को साबित करें। प्री बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन के आधार सभी को अंक दिए गए हैं। हाईस्कूल के परीक्षार्थियों को अगली कक्षा में प्रमोट किया जाना और इंटरमीडिएट परीक्षार्थियों की परीक्षा कराने का निर्णय बेहतर है।
-डॉ. आनंद कुमार गुप्ता, प्रधानाचार्य, डीएवी इंटर कॉलेज, बांदा।
छह से 8 घंटे की थी परीक्षा की तैयारी
छात्रा गीतांजलि चक्रवर्ती ने कहा कि 10वीं में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए छह से 8 घंटे नियमित रूप से पढ़ाई की थी। परीक्षा न होने से निराश हूं, पर कोरोना महामारी को देखते हुए प्रदेश सरकार के निर्णय से सहमत हूं।
परीक्षा को लेकर थे फ्रिकमंद, प्रमोट से खुशी
छात्र मो. रय्यान खां ने कहा कि 10वीं बोर्ड की परीक्षा को लेकर काफी फ्रिकमंद था। प्रतिदिन छह घंटे पढ़ाई कर रहा था कि कब परीक्षा का आदेश आ जाए। शासन ने बिना परीक्षा दिए ही प्रमोट कर दिया। खुश हूं कि कोई भी साथी फेल नहीं होगा।
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