बांदा। वर्ष 2025 तक टीबी को पूरी तरह खत्म करने के केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही मुहिम में घर-घर सघन टीबी रोगी खोज अभियान (एसीएफ) जारी है। जिले में टीबी के 2 हजार मरीज हैं। इनमें 315 एमडीआर श्रेणी के हैं।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एमसी पाल ने बताया कि जनपद 556 डाट्स प्रोवाइडर इस अभियान में लगाए गए हैं। इनमें आशा बहू, आंगनबाड़ी और सोशल वर्कर शामिल हैं। ये टीबी मरीजों को दवा खिलातीं हैं। शासन इन्हें प्रोत्साहन राशि देता है।
मरीज को छह माह तक दवा खिलाने का कोर्स पूरा कराने पर 1000 रुपये और एमडीआर कोर्स में 24 माह दवा खिलाने पर 5000 रुपये दिए जाते हैं। शहर के खाईंपार की प्रोवाइडर शांति प्रजापति अब तक 95 मरीजों को दवा खिलाकर इस रोग से मुक्ति दिला चुकी हैं। उनका दावा है कि उनके क्षेत्र में मात्र एक टीबी रोगी बचा है।