ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े डॉक्टरों और स्टाफ कर्मियों ने सोमवार को चौथे दिन भी आंदोलन जारी रखा। काली पट्टी बांधकर विरोध किया।
पुलिस अधीक्षक को दिए ज्ञापन में प्रॉविंशियल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (पीएमएसए) की बांदा यूनिट ने चेतावनी दी कि गिरफ्तारी न होने पर बुधवार से जिले में सभी सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवा बंद कर दी जाएगी। स्वास्थ्य कर्मी चुनाव में कोई सहयोग नहीं देंगे। पल्स पोलिया का भी बहिष्कार होगा।
शुक्रवार (29 मार्च) को तिंदवारी में चिकित्साधिकारी डॉ. देव प्रकाश सिंह और स्थानीय ब्लाक प्रमुख के पति/प्रतिनिधि वरुण सिंह यादव के बीच का काफी मारपीट हुई थी। दोनों को ही काफी चोटें आईं।
डॉ. देव को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। वरुण का भी जिला अस्पताल में मेडिकल कराया गया, लेकिन वह तब से भूमिगत हैं। उधर, डॉ. देव की तहरीर पर तिंदवारी थाना पुलिस ने वरुण यादव व चार अन्य के खिलाफ संगीन धाराओं की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
पीएमएसए और स्वास्थ्य कर्मी अब वरुण की गिरफ्तारी न होने पर नाराज हैं। सोमवार को पीएसएस संघ की बैठक जिला अस्पताल में हुई। इसमें चार प्रस्ताव पास किए गए। इन्हीं प्रस्तावों को मांगपत्रों के रूप में पुलिस अधीक्षक को सौंपा गया।
जिला अस्पताल के चिकित्सक और स्टाफ एक साथ पुलिस कार्यालय पहुंचे। अपना चार सूत्री ज्ञापन दिया। इसमें कहा गया है कि आरोपी गिरफ्तार नहीं हुए तो दो अप्रैल से जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में काली पट्टी बांधकर विरोध जताया जाएगा। बुधवार से ओपीडी बंद कर दी जाएगी। चुनाव में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व कर्मचारी कोई सहयोग नहीं करेंगे।
सात अप्रैल से शुरू हो रहे पल्स पोलियो का बहिष्कार होगा। यह भी मांग की कि सभी सरकारी अस्पतालों में 24 घंटे दो पुलिस कर्मी तैनात किए जाएं।
बैठक और ज्ञापन देने वालों में पीएमएस अध्यक्ष डॉ. एनडी शर्मा, महासचिव डॉ. बीएस राजपूत, उपाध्यक्ष और महिला चिकित्सालय सीएमएस डॉ. ऊषा सिंह व पुरुष अस्पताल सीएमएस डॉ. किशोरीलाल, डिप्टी सीएमओ डॉ. आरबी वर्मा, डॉ. मुकेश कुमार, डॉ. नरेंद्र विश्वकर्मा, संयुक्त सचिव डॉ. विनीत सचान, डॉ. उमेश कुमार, डॉ. एमसी पाल, डॉ. एसके वाजपेई, डॉ. हृरदयाल आदि शामिल रहे।