मआधी आबादी यानी महिला मतदाताओं ने अपनी संख्या बढ़ाने में पुरुषों को दोगुना के अनुपात से मात दी है। पिछले लोकसभा चुनाव 2014 से अब तक बढ़े मतदाताओं में पुरुषों का ग्राफ मात्र चार फीसद और महिलाओं का दोगुना यानी आठ बढ़ा है। पूरे जिले में 69,405 मतदाताओं का इजाफा हुआ है।
महिला सशक्तीकरण और जागरूकता आदि के लगातार चल रहे सरकारी और गैर सरकारी अभियानों का ही शायद यह असर है कि मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने में जिले की महिलाओं ने पुरुषों को पीछे छोड़ दिया है।
निर्वाचन विभाग के ताजा आंकड़े इसका सुबूत हैं। पिछले लोकसभा चुनाव 2014 में जिले के चारों विधानसभा क्षेत्रों में 12,29,886 मतदाता थे। इनमें 5,45,595 महिलाएं और 6,84,291 पुरुष मतदाता थे।
अब 2019 में मतदाताओं का ग्राफ बढ़कर 12,99,291 हो गया है। इनमें महिलाओं की संख्या 5,88,775 और पुरुषों की तादाद 7,10,516 है। पांच वर्षों में पुरुष मतदाता जहां मात्र 26,225 बढ़े, वहीं महिला मतदाताओं की संख्या में 43,180 का इजाफा हुआ है।