बांदा। सीएमओ और मलेरिया आफिस के हालात देखकर डीएम का पारा चढ़ गया। सीएमओ और अपर सीएमओ समेत 18 अफसर और कर्मचारी ड्यूटी से नदारद मिले। डीएम ने इन सभी का वेतन रोककर स्पष्टीकरण मांगा है। मलेरिया कार्यालय के स्टोर में सामग्री में घपला मिलने पर मलेरिया निरीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए।
शुक्रवार को दोपहर डीएम अनुराग पटेल अचानक सीएमओ कार्यालय पहुंच गए। सीएमओ डॉ. एके श्रीवास्तव, अपर सीएमओ डॉ. मनोज कुमार कौशिक व डॉ. साकिब अनवर, डिप्टी सीएमओ डॉ. एनके सिन्हा व डॉ. पीएन यादव, प्रशासनिक अधिकारी डॉ. आरके मौर्य समेत एआरओ आज्ञाराम, वरिष्ठ सहायक महेंद्र कुमार द्विवेदी, लेखाकार विष्णु सिंह लखेरा, वाहन चालक राजेंद्र प्रसाद गुप्ता व आफताब खां अनुुपस्थित मिले। इसी परिसर में स्थित जिला मलेरिया कार्यालय में भी डीएम ने देर तक निरीक्षण किया। यहां वरिष्ठ सहायक मोहित श्रीवास्तव और एमपीडब्ल्यू बल्दू ड्यूटी से गायब मिले। रजिस्टर में हस्ताक्षर करने के बाद कार्यालय से गायब हो गए डॉ. प्रसून खरे, जीशान, हर्षित कुमार का भी एक दिन का वेतन रोककर स्पष्टीकरण तलब किया।
मेडिकल बोर्ड कक्ष में दीपक नामदेव नामक युवक अनाधिकृत रूप से डाटा इंट्री कर रहा था। डीएम ने कड़ी फटकार लगाते हुए सीएमओ और वरिष्ठ सहायक अशोक कुमार वर्मा से स्पष्टीकरण मांगा है। कार्यालय के कक्षों, शौचालय, परिसर आदि में गंदगी और अंधेरगर्दी मिली। कबाड़ वाहनों पर डीएम ने तत्काल नीलामी कार्रवाई के निर्देश दिए।
मलेरिया स्टोर में भारी घपला उजागर
बांदा। जिला मलेरिया कार्यालय के स्टोर में बंद बोरों में डस्टबिन, बाल्टी, टब आदि पैक पाए गए। इसी तरह बड़ी संख्या में तौलिया बोरों में भरी मिलीं। इसमें घपला भी उजागर हुआ। स्टाक रजिस्टर में 330 तौलिया दर्ज थीं। अब तक 136 तौलिया बांटने का विवरण दर्ज था। शेष 194 तौलियों में सिर्फ 97 अलमारी में रखी मिलीं। 85 लीटर हाइपो क्लोराइड, 131 टेमफास, 38 लीटर मिट्टी का तेल और 97 तौलियों का गबन उजागर हुआ। डीएम ने इस पर मलेरिया निरीक्षक राजकुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। (संवाद)