फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लैब की जांच में जेंटामाइसिन ड्राप को क्लीनचिट

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

बांदा। आंखों में डाले जाने वाले जेंटामाइसिन ड्राप की गुणवत्ता पर जिला अस्पताल के नेत्र चिकित्सक के उठाए गए सवालों को लखनऊ की लैब ने खारिज कर दिया है। लैब ने ड्राप को उच्च गुणवत्तायुक्त बताया है। उधर, ड्राप पर सवाल उठाने वाले नेत्र चिकित्सक से जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने स्पष्टीकरण मांगा है।

जिला अस्पताल में नेत्र विभाग के डॉ. एसपी गुप्ता ने दो माह पूर्व सीएमएस सहित स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों को भेजे पत्र में कहा था कि जेंटामाइसिन ड्राप इस्तेमाल करने वाले मरीजों की आंखों में खुजली और लालिमा आ रही है। डॉ. गुप्ता ने यह ड्राप मरीजों को देना बंद कर दिया था। नेत्र विशेषज्ञ की शिकायत पर सीएमएस डॉ. किशोरीलाल ने ड्राप पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाते हुए ड्रग विभाग को जांच के लिए लिखा था।
विज्ञापन


सैंपल लखनऊ भेजा गया था। लगभग दो माह बाद लखनऊ लैब से जांच रिपोर्ट आ गई है। इसमें जेंटामाइसिन आई ड्राप को क्लीनचिट दे दी गई है। उत्तर प्रदेश गवर्मेंट एनालिस्ट (ड्रग्स एवं कास्मेटिक्स), लखनऊ के विनय कुमार ने भेजी रिपोर्ट में कहा कि जेंटामाइसिन सल्फेट आई ड्राप ड्रग्स एवं कास्मेटिक्स एक्ट 1940 नियमों के अंतर्गत है। जांच में यह स्टैंडर्ड क्वालिटी (उच्च गुणवत्तापरक) पाई गई है।
विज्ञापन


जांच रिपोर्ट आने के बाद जिला अस्पताल में इस ड्राप का इस्तेमाल फिर शुरू हो गया है। सीएमएस डॉ. किशोरीलाल ने बताया कि गुणवत्ता पर सवाल उठाने और ड्राप के प्रति मरीजों में भ्रम फैलाने पर नेत्र चिकित्सक डॉ. एसपी गुप्ता से स्पष्टीकरण मांगा गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भी इससे अवगत करा दिया गया है।

लैब की जांच में जेंटामाइसिन ड्राप को क्लीन चिट
अस्पताल के नेत्र चिकित्सक ने उठाए थे सवाल
दो माह से अस्पताल में बंद था ड्राप का वितरण
रिपोर्ट के बाद चिकित्सक से मांगा स्पष्टीकरण
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें