बांदा। गैर प्रांतों और महानगरों से प्रवासी मजदूरों को लाने वाली ट्रेनों की आमद का सिलसिला जारी है। गुरुवार को तड़के करीब सवा दो बजे सूरत से 1691 मजदूरों को लेकर एक और ट्रेन आई। उधर, गुरुवार को दोपहर पौने 2 बजे मुंबई (महाराष्ट्र) से डेढ़ हजार से अधिक मजदूरों को लेकर विशेष ट्रेन बांदा के लिए रवाना हुई। वहां सपा विधायक अबु आजमी ने स्टेशन पर मजदूरों को विदा किया।
सूरत से रवाना हुई श्रमिक स्पेशल ट्रेन तड़के बांदा के रेलवे प्लेटफार्म नंबर-2 पर आई। यहां पहले से तैनात स्वास्थ्य कर्मियों की तीन टीमों ने मजदूरों की थर्मल स्क्रीनिंग की। रोडवेज की 40 बसों से उन्हें उनके गृह जनपद/गांव पहुंचाया गया। 14 दिन क्वारंटीन में रहने की हिदायत दी गई।
फौरीतौर पर प्रारंभिक जांच में सभी मजदूरों की हालत सामान्य पाई गई। इसके पूर्व सूरत और बड़ोदरा से भी श्रमिक ट्रेन आ चुकी हैं। इनमें क्रमश: 1074 व 1570 मजदूर यहां आए थे।
उधर, मुंबई में फंसे मजदूरों को लेकर एक विशेष ट्रेन गुरुवार को बांदा के लिए रवाना हुई। यह 15 मई को सुबह 3 बजे आएगी। दूसरी श्रमिक स्पेशल ट्रेन अहमदाबाद से रवाना हुई है। यह 15 मई को तड़के 3 बजे बांदा आएंगी। 15 मई को सूरत से एक अन्य ट्रेन चलकर बांदा आएगी। इसमें 1200 मजदूर होंगे।
कई प्रांतों से आए दो सौ मजदूरों ने कराया परीक्षण
बांदा। ट्रेनों और बसों के अलावा पैदल भी प्रवासी मजदूरों के आने का सिलसिला जारी है। गुरुवार को लगभग 200 मजदूरों ने जिला अस्पताल में अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराया। थर्मल स्क्रीनिंग के बाद उन्हें 14 होम क्वारंटीन में रहने की सलाह दी गई।
ट्रामा सेंटर चिकित्साधिकारी डॉ. प्रदीप गुप्ता ने बताया कि जांच को आए मजदूरों में महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और दिल्ली की संख्या ज्यादा रही। उधर, मुंबई से लौटे कुछ मजदूरों का तापमान बढ़ा था। फिर भी स्वास्थ्य परीक्षण टीम ने उन्हें घर भेज दिया।
दूसरी तरफ मुंबई से आने वालों की जांच स्वास्थ्य टीम औपचारिकता में निपटाते रहे। इस बाबत चिकित्साधिकारी का कहना था कि तापमान से काफी हद तक संक्रमण की जानकारी हो जाती है। टीम का पूरा ध्यान संदिग्ध के तापमान पर था।