बांदा। संसद में शनिवार को फिर बुंदेलखंड का मुद्दा गूंजा। बांदा-चित्रकूट सांसद भैरो प्रसाद मिश्र ने बुंदेलखंड में लघु एवं सीमांत किसानों का दायरा बढ़ाने के साथ-साथ पर्यटन हब के रूप में विकसित करने का मुद्दा उठाया। हमीरपुर-महोबा के साथ पुष्पेंद्र सिंह चंदेल ने अलग बुंदेलखंड की मांग उठाई है।
सांसद भैरो प्रसाद मिश्र ने एक बार फिर लोकसभा में बुंदेलखंड में लघु और सीमांत किसानों की जोत सीमा (दायरा) बढ़ाकर 5 हेक्टेयर किए जाने की केंद्र सरकार से मांग की। चित्रकूट और राजापुर के धार्मिक स्थलों का महत्व बताते हुए बुंदेलखंड को पर्यटन हब के रूप में विकसित करने की भी वकालत की।
शनिवार को लोकसभा के सत्र में बांदा-चित्रकूट सांसद भैरो प्रसाद मिश्र ने निजी विधेयक पर बोलते हुए कहा कि बुंदेलखंड में लघु और सीमांत किसानों की जोत सीमा मात्र 2 हेक्टेयर है, जबकि प्रदेश के अन्य भागों की अपेक्षा यहां की परिस्थितियां अलग हैं। सूखा और दैवीय आपदाओं का जोर रहता है। ऐसे में जोत सीमा कम से कम 5 हेक्टेयर की जाए।
सांसद ने चित्रकूट की पवित्र मंदाकिनी नदी, हनुमान धारा, गुप्त गोदावरी, स्फटिकशिला, लक्ष्मण पहाड़ी आदि का जिक्र करते हुए इनका धार्मिक महत्व बताया। इसके अलावा राजापुर में तुलसीदास की जन्म स्थली मड़फा, गुढ़ाकलां, महर्षि वामदेव मंदिर, कालिंजर दुर्ग आदि का भी महत्व बताते हुए केंद्र सरकार से मांग की कि बुंदेलखंड को पर्यटन हब के रूप में विकसित किया जाए