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16 बंदियों की और पैरोल पर रिहाई

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बांदा। लॉकडाउन में पैरोल पर जेल से बंदियों की रिहाई जारी है। शनिवार को 16 विचाराधीन बंदी रिहा किए गए हैं। इन सभी को 8 सप्ताह के पैरोल पर रिहा किया गया है। अब तक 60 बंदी रिहा किए जा चुके हैं। 16 बंदियों की रिहाई शेष है। यह अगले दो दिनों में हो जाएगी।
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कारागार अधीक्षक आरके सिंह ने बताया कि शासन के निर्देश पर पैरोल पर छोड़ा जा रहा है। उधर, स्वास्थ्य विभाग की दो टीमों द्वारा जेल व आवासों को पूरी तरह से सैनेटाइज किया गया है। प्रत्येक बंदी को दो-दो मॉक्स और हाथ धोने के लिए साबुन दिया गया है।
उधर, डीएम अमित सिंह बंसल और एसपी डा.एसएस मीणा ने जेल का निरीक्षण किया। प्रशासनिक आधार पर यहां भेजे गए बंदियों को अलग रखने के निर्देश दिए। जेल में पैदा किया गया 1.20 क्विंटल आलू को कोल्ड स्टोर में भेजने को कहा।
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सेंटरों में होगी मजदूरों की काउंसलिंग
बांदा। क्वारंटीन सेंटरों में रखे गए मजूदरों की काउंसलिंग होगी। मानसिक चिकित्सक उनके अंदर कोरोना का भय को समाप्त करेंगे। कंट्रोल रूप प्रभारी हरिश्चंद्रनाथ ने बताया कि जिले के तीन दर्जन से अधिक सेंटरों में आठ हजार से अधिक बाहरी मजदूरों को क्वारंटीन किया गया है।
वह मानसिक रूप से बीमार न हों इसके लिए मनोरोग चिकित्सक उनकी काउंसलिंग करेंगे। सप्ताह में दो दिन दो मीटर की दूरी से पांच मिनट परिजन मिल सकेंगे। गाने-बजाने सहित योगा आदि की छूट होगी।
अब कंट्रोल रूम में कम हुई कॉल
बांदा। विकास भवन स्थित कंट्रोल रूम सहायक प्रभारी अश्विनी ने बताया कि अब 50 से 60 फोन ही आ रहे हैं। इनमें भोजन और दवा के फोन भी शामिल हैं। इसके बारे में तत्काल तहसील स्तर पर कंट्रोल रूम को सूचना दी जाती है। शनिवार की रात बिसंडा व कमासिन के क्वारंटीन सेंटर में तीन मरीजों के बीमार होने की सूचना पर चिकित्सकों की टीम भेजकर इलाज कराया गया।
गांव में बाहरियों के प्रवेश पर रोक
नरैनी। बरूआ स्योढ़ा के ग्रामीणों ने कोरोना वायरस से बचाव के लिए खुद ही उपाय शुरू कर दिए हैं। गांव के मुख्य मार्ग पर बैरियर लगाकर तख्ती टांगी गई है कि बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश वर्जित है। ग्राम प्रधान परमानंद गोस्वामी ने बताया कि दैनिक वस्तुओं की खरीद के लिए ग्रामीणों को सुबह सात से 10 बजे का समय निर्धारित किया गया है। उधर, खेतीबाड़ी या पानी भरने आदि में आपसी दूरी का फार्मूला पूरी तरह अपनाया जा रहा है।
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