बांदा। पंचायत चुनाव में मतदान के दौरान शनिवार को
महुआ ब्लाक के सरस्वाह गांव में हुए बवाल पर देर रात तक पर्दा डालने और
लीपापोती में जुटी पुलिस अंतत: रातों-रात एक्शन में आ गई।
प्रत्याशी
के पति समेत 15 लोगों पर आनन-फानन में संगीन धाराओं की रिपोर्ट दर्ज कर
उन्हें गिरफ्तार कर लिया। सभी दलित हैं। 55 अन्य अज्ञात भी रिपोर्ट में
शामिल हैं।
पथराव से चुटहिल थानाध्यक्ष और दो उप निरीक्षकों समेत
आठ पुलिसकर्मियों ने जिला अस्पताल में मेडिकल कराया है। गिरवां थाना
क्षेत्र के सरस्वाह गांव में मतदान के अंतिम समय में शाम करीब चार बजे
हंगामा शुरू हुआ।
पीठासीन अधिकारी और मतदान कर्मियों पर आरोप था कि
वे मतदाताओं द्वारा मुहर लगे मत पत्रों से छेड़छाड़ कर रहे हैं। कई
प्रत्याशियों के समर्थकों ने विरोध किया।
बात बढ़ जाने पर पीठासीन
अधिकारी और कार्मिकों के साथ मारपीट की। भीड़ का हंगामा और धावा देखकर
पुलिस ने लाठीचार्ज और हवाई फायर किया। भीड़ की तरफ से पथराव किया गया। देर
शाम तक गिरवां थानाध्यक्ष बवाल से इनकार करते रहे।
अंतत: देर रात
गिरवां थाने में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रधान
प्रत्याशी पति ब्रजविलास भारतीय और उसके भाई दिलीप कुमार उर्फ बुद्धा समेत
बबलू रैदास, केशव रैदास, पवन, कालका, राजकुमार, शिवलोचन, अनूप उर्फ नीटू,
भीमदुलारे, रामहित, बाबूलाल, रामकलेश, राजकरन व रंजीत को नामजद कर गिरफ्तार
कर लिया।
सभी सरस्वाह गांव के दलित हैं। रविवार को जिला अस्पताल
में डाक्टरी परीक्षण के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। गिरवां थानाध्यक्ष
चौधरी रमेश सिंह ने बताया कि मतदान के बाद मतपेटियां लेकर पैदल आ रहे मतदान
अधिकारियों, सिपाही लालबहादुर व रंजीत सिंह से आरोपियों ने मारपीट कर
मतपेटियां लूटने का प्रयास किया।
पुलिस पर पथराव किया। थानाध्यक्ष
खुद और दो दरोगा वीरेंद्र सिंह व विवेक सिंह समेत आठ पुलिस कर्मी चुटहिल
हुए। कांस्टेबल लालबहादुर सिंह की तहरीर पर आरोपियों के विरुद्ध रिपोर्ट
दर्ज की गई है। थानाध्यक्ष ने कहा कि 55 अज्ञात आरोपियों की तलाश के लिए
वीडियोग्राफी की मदद ली जा रही है। जल्द ही इन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा।