अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। बुंदेलखंड में कुपोषण से छुटकारे के लिए गांवों में ‘न्यूट्रिशनल गार्डन’ की स्थापना होगी। ग्राम समाज की जमीन या गरीब परिवारों के सेहन (दरवाजे) पर अमरूद, पपीता, शरीफा, आंवला व अनार आदि के फलदार पौधे लगाए जाएंगे। इसमें सरकार 1.21 करोड़ रुपये खर्च करेगी। पहले चरण में बुंदेलखंड के सातों जनपदों के 1.69 लाख परिवारों का चयन कर उनके लिए पोषक वाटिका तैयार की जाएगी।
राज्य औद्यानिक मिशन योजना के तहत बुंदेलखंड विशेष पैकेज से ‘न्यूट्रिशनल गॉर्डन’ की स्थापना होगी। पोषक वाटिका विकसित की जाएगी। इसके फलों से गरीब बच्चों को कुपोषण से निजात दिलाई जाएगी। मिशन नोडल अधिकारी और अपर निदेशक उद्यान राणा प्रताप सिंह ने जिला उद्यान अधिकारियों को पत्र भेजकर पोषक वाटिका का लक्ष्य तय किया है। बांदा में 22,990 परिवारों में 18 लाख, चित्रकूट में 24,990 परिवारों पर 17.3 लाख, महोबा में 21,790 परिवारों में 16.1 लाख और हमीरपुर जनपद में 24,990 परिवारों पर 16.5 लाख रुपये, झांसी में 25,003 परिवारों पर 23 लाख, ललितपुर में 24,990 परिवारों पर 15.1 लाख रुपये, जालौन में 24,990 परिवारों पर 15 लाख रुपये खर्च करने का लक्ष्य रखा गया है। गरीब भूमिहीन परिवारों का चयन उद्यान विभाग करेगा।
उन्हें पौधे उपलब्ध कराएगा और रोपाई के बाद उनके रख-रखाव आदि के तरीके पर भी काम करेगा। इसमें ग्राम प्रधानों की भी अहम जिम्मेदारी होगी। वे पात्र व चयनित परिवारों को पोषक वाटिका लगाने के लिए प्रेरित करेंगे। गौरतलब है कि बुंदेलखंड में पिछले साल वजन दिवस के दौरान कुपोषित बच्चों को चिह्नित किया गया है। सातों जनपदों में 6 साल तक के ढाई लाख से ज्यादा कुपोषण और 85 हजार से ज्यादा बच्चे अति कुपोषण की श्रेणी में चिह्नित किए गए हैं।
बांदा। बुंदेलखंड के सातों जिलों में 355.92 हेक्टेयर में सब्जी पट्टी लगेगी। इस पर 1.78 करोड़ रुपये खर्च होंगे। बांदा जनपद में 72.50 हेक्टेयर में 36.35 लाख रुपये खर्च होंगे। चित्रकूट में 44.50 हेक्टेयर में 22.26 लाख रुपये, महोबा में 49.40 हेक्टेयर में 24.69 लाख व हमीरपुर जिले में 69.60 हेक्टेयर में 34.79 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। झांसी मंडल में झांसी में 51.50 हेक्टेयर में सब्जी लगेगी। इस पर 25.72 लाख खर्च होंगे। ललितपुर में 42.40 हेक्टेयर में 24.18 लाख और जालौन जनपद में 26.02 हेक्टेयर सब्जी में 13.1 लाख रुपये उद्यान विभाग खर्च करेगा।
-1.69 लाख गरीब परिवार होंगे योजना से लाभान्वित
-सातों जिलों के लिए लक्ष्य निर्धारित
-वाटिका के फलों से दूर करेंगे कुपोषण