बांदा। शराब कारोबारी भी अब खाद्य सुरक्षा के दायरे में आएंगे। खाद्य आयुक्त के निर्देश पर जिले में 31 अगस्त तक विशेष अभियान चलाकर शराब दुकानदारों, कोटेदारों, आढ़तियों व एमडीएम संचालन वाले विद्यालयों समेत अन्य खाद्य व्यवसायियों के लाइसेंस बनाए जाएंगे। 12 लाख रुपये सालाना टर्न ओवर वालों को लाइसेंस बनवाना होगा और इसके नीचे वाले कारोबारियों का खाद्य सुरक्षा विभाग से रजिस्ट्रेशन होगा। अभियान के बाद रेंडम चेकिंग होगी। इसमें बिना लाइसेंस वालों पर खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त कामिनी चौहान ने अभिहीत अधिकारियों को जारी आदेश में लाइसेंस एवं पंजीकरण अभियान चलाने को कहा है। कहा है कि खाद्य कारोबारियों के अलावा शराब दुकानदारों को भी खाद्य सुरक्षा के दायरे में लाया गया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी विशेष अभियान चलाकर 31 अगस्त तक जिले भर के खाद्य कारोबारियों की सूची तैयार कर कर अभिहीत अधिकारी को सौंपेंगे।
सर्वे में कारोबारियों की संख्या, उनकी श्रेणी की जानकारी भी हासिल करेंगे। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी रिपोर्ट के आधार पर प्रत्येक खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा सर्वे किए गए 30 प्रतिष्ठिानों पर रेंडम चेकिंग करेंगे। अंतर पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। अन्य विभाग दुग्ध विकास, सार्वजनिक वितरण प्रणाली से संबंधित खाद्य, रसद विभाग, आबकारी, आईसीडीएस, मध्याह्न भोजन परियोजना, मंडी परिषद, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग आदि के जिला स्तरीय अधिकारियों को अभिहीत अधिकारी उनके विभाग में पंजीकृत खाद्य कारोबारियों की सूची हासिल करेंगे।
जरूरत पड़े तो जिलाधिकारी के माध्यम से पत्र जारी कराएंगे। अभिहीत अधिकारी चंद्रशेखर मिश्र ने बताया कि विशेष अभियान के तहत लाइसेंस व पंजीकरण के लिए कैंप लगाए जाएंगे। पंपलेटों का वितरण किया जाएगा। व्यापारियों को बिना लाइसेंस व पंजीकरण कारोबार चलाने पर अधिनियम के तहत होने वाली कार्रवाई से भी अवगत कराया जाएगा। खाद्य सुरक्षा अधिकारी सौरभ उत्तम ने कहा है कि कारोबारी अभियान से भागे नहीं, बल्कि सहयोग करें। बहुत से दुकानदार अधिकारियों को देख प्रतिष्ठान बंद कर भाग खड़े होते हैं। आगे उनके लिए यह घातक हो सकता है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग में जनपद के सिर्फ 338 व्यवसायियों ने स्थाई लाइसेंस बना रखे हैं। जबकि 1540 दुकानदारों ने पंजीयन कराया है। अभिहीत अधिकारी चंद्रशेखर मिश्र ने बताया कि स्थाई खाद्य लाइसेंस एक साल से लेकर पांच साल तक के बनाने का प्राविधान है। इसमें दो हजार से लेकर 7 हजार रुपये तक का सालाना शुल्क है। आनलाइन आवेदन के बाद 30 दिन के अंदर लाइसेंस जारी किया जाएगा। खाद्य कारोबारियों के पंजीयन के लिए 100 रुपये से 5000 रुपये शुल्क का प्रावधान है। आनलाइन के बाद 15 दिन के अंदर पंजीयन कर प्रमाणपत्र दिया जाएगा।
-कोटेदार व आढ़तियों को भी बनवाना होगा लाइसेंस
-आयुक्त के निर्देश पर 31 तक चलेगा विशेष अभियान
-रेंडम चेकिंग में बिना लाइसेंस कारोबारियों पर कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो