बांदा। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत जिले में 7404 पक्के मकान बनेंगेे। शौचालय के लिए अलग पैसा मिलेगा। उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन और दीनदयाल ग्रामीण विद्युतीकरण परियोजना से मुफ्त बिजली कनेक्शन दिया जाएगा। इसके लाभार्थियों के चयन के लिए ग्राम पंचायतों में खुली बैठकें की जा रही हैं। 806 लोगों का चयन किया जा चुका है।
वर्ष 2011 के सामाजिक और आर्थिक सर्वे में गांवों में जिन लोगों के मकान कच्चे थे, उनके मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के बनेंगे। इसमें 1.20 लाख रुपये तीन किश्तों में दिए जाएंगे। पहली किश्त में 40 हजार, दूसरी किश्त में 70 हजार और तीसरी किश्त में 10 हजार रुपये लाभार्थी के खाते में भेजे जाएंगे।
परिवार में महिला मुखिया के नाम ही आवास का आवंटन होगा। अपरिहार्य स्थिति में पति-पत्नी का संयुक्त खाता होगा। यदि परिवार का मुखिया नि:शक्त है और कच्चा आवास है तो ऐसे नि:शक्तों को तीन प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। लाभार्थियों की जमीन पट्टे की अथवा स्वयं की होनी चाहिए।
यदि जमीन नहीं है तो ग्राम सभा जमीन दिलवाएगी। योजना के तहत 25 वर्ग मीटर जमीन पर प्रधानमंत्री आवास बनेगा। लाभार्थी दिव्यांग नहीं है तो मनरेगा के तहत 90 दिन की मजदूरी (प्रतिदिन 175 रुपये) दी जाएगी। खाद्य सुरक्षा अधिनियम का भी लाभ मिलेगा।
यदि कोई लाभार्थी नि:शक्त है तो उसे मनरेगा का लाभ नहीं मिलेगा। योजना के तहत ब्लाकवार आवासों का आवंटन होगा। बबेरू ब्लाक में 637, बड़ोखर में 1146, बिसंडा में 880, जसपुरा में 386, कमासिन में 596, महुआ में 1360, नरैनी में 1361 और तिंदवारी में 838 प्रधानमंत्री आवास बनाने की कवायद चल रही है।
परियोजना निदेशक, डीआरडीए राजेंद्र प्रसाद मिश्रा ने कहा कि 2019 तक योजना में चयनित लोगों के आवास पक्के बनाने का लक्ष्य है। चालू वर्ष में 7404 आवास बनाए जा रहे हैं। यदि किसी गरीब का आवास कच्चा है और सर्वे में छूट गया है तो फिर से सचिव सर्वे कर रहे हैं। उसका नाम सूची में जोड़ा जाएगा। सूची फिर स्वीकृति के लिए शासन को भेजी जाएगी।
-लाभार्थी को शौचालय, गैस, बिजली भी मुफ्त
-योजना पर काम शुरू, 806 लाभार्थी चयनित
-तीन किश्तों में खाते में जाएगा 1.20 लाख
अमर उजाला ब्यूरो