बांदा। पांच साल के लंबे अंतराल के बाद शनिवार को चित्रकूटधाम मंडल मुख्यालय में प्रशिक्षित स्नातक (टीजीटी) परीक्षा में चार जिलों बांदा, हमीरपुर, महोबा और चित्रकूट के 646 अभ्यर्थी शामिल हुए। यहां कुल पंजीकृत 1916 में से 1270 ने परीक्षा छोड़ दी। परीक्षा के दौरान केंद्रों में कोविड गाइडलाइन का पालन कराया गया। इतनी बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के शामिल न होने पर शायद कोरोना की तीसरी लहर का खौफ माना जा रहा है।
प्रदेश के 18 मंडलों समेत चित्रकूटधाम मंडल मुख्यालय में टीजीटी (जीव विज्ञान) विषय की बजरंग इंटर कॉलेज, डीएवी इंटर कॉलेज व राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में परीक्षा हुई। सुबह साढ़े नौ बजे से परीक्षा शुरू हुई, जो साढ़े 11 बजे तक चली। परीक्षा से 66 फीसदी परीक्षार्थी गैरहाजिर रहे। परीक्षा में यहां 1916 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इसमें 1270 अभ्यर्थी परीक्षा देने ही नहीं आए। सुबह से ही परीक्षा केंद्रों में चार पर्यवेक्षक एक सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात रहे। परीक्षा के बाद उत्तर शीट को ट्रेजरी में जमा कराया गया।
उधर, अभ्यर्थी अभिषेक सिंह ने बताया कि वर्ष 2016 में आवेदन किया था। पांच साल में परीक्षा हुई। अचानक तिथि घोषित होने से अपेक्षाकृत तैयारी नहीं कर पाए। प्रश्न विषय आधारित रहे। अभ्यर्थी श्वेता सिंह ने बताया कि प्रश्नपत्र कठिन था। कई प्रश्न ऐसे पूछे गए थे कि उनके जवाब देने में कंफ्यूज हुए। हालांकि, सवालों के जवाब दिए हैं। काफी समय बाद परीक्षा होने से उन्हें दिक्कत भी हुई।
चित्रकूटधाम मंडल मुख्यालय में शांतिपूर्ण परीक्षा हुई। कहीं से भी कोई शिकायत नहीं मिली। उत्तर शीट को ट्रेजरी में जमा कराया गया है। 34 फीसदी ने परीक्षा दी है।
- विनोद सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक, बांदा।