बांदा। बुंदेलखंड में 28 जून के बाद ही मानसूनी बारिश की संभावना है। पूर्वी हवाएं चलने के कारण यहां अनुकूल स्थिति बनेगी। मौसम विभाग के मुताबिक एक जुलाई से झमाझम बारिश हो सकती है। वहीं सोमवार को दिन में तेज धूप व उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल रहे।
चित्रकूटधाम मंडल में इस बार मानसून भी एक सप्ताह देरी से आ रहा है। सामान्यत: 20 से 22 जून तक यहां प्री-मानसून की दस्तक हो जाती रही है। जून माह में 73 मिलीमीटर बारिश का औसत है। इसके सापेक्ष महज पांच मिलीमीटर बारिश ही अबकी हुई है। प्री-मानसून के बेअसर होने से लोगों में निराशा है।
अब सभी की नजर मानसून पर टिकी हुई है। मौसम वैज्ञानिक डॉ.मुकेशचंद्र का कहना है कि चूंकि, उत्तर प्रदेश में इस बार मानसून देर से प्रवेश कर रहा है। इसलिए इसका असर बुंदेलखंड में भी पड़ा है। मौजूदा समय में पश्चिमी दिशा से हवाएं चल रही हैं। जबकि मानसूनी बारिश के लिए इनकी दिशा पूर्वी होनी चाहिए।
ऐसी स्थिति 28 जून के बाद बन सकती है। तभी मानसून की दस्तक बुंदेलखंड में होगी। एक जुलाई से झमाझम बारिश की संभावना है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक सोमवार को अधिकतम तापमान 36.5 और न्यूनतम 29.5 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम में अधिकतम आर्द्रता 80 फीसदी और न्यूनतम 38 फीसदी रही। चटख धूप और बढ़ी आर्द्रता के चलते उमस भरी गर्मी लोगों को बेहाल कर रही है।
कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ.वीके सिंह ने किसानों को खरीफ फसलों से संबंधित सलाह दी है। उन्होंने कहा कि खेतों में पर्याप्त नमी होने पर ही खरीफ की फसलों की बुवाई करें। मानसूनी बारिश शुरू होने पर मूंगफली, मक्का, ज्वार, सोयाबीन, उर्द, मूंग की फसलों की बुवाई करें। उन्होंने तिल की बुवाई 15 जुलाई के बाद करने की सलाह दी है।
-पूर्वी हवाओं से बनेगी वर्षा की अनुकूल स्थिति
-कड़ी धूप व 80 फीसदी आर्द्रता से बढ़ी उमस
अमर उजाला ब्यूरो