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पांच अदालतों का आज से बायकाट

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अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। पांच न्यायालयों के न्यायिक अधिकारियों से खफा जिला अधिवक्ता संघ सोमवार से उनकी अदालतों का तीन दिवसीय बहिष्कार करेगा। संघ का कहना है कि 18 से 20 सितंबर तक अधिवक्ता न्यायिक कार्य नहीं करेंगे। संघ ने यह निर्णय आम सभा की बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर लिया है। निगरानी के लिए आठ सदस्यीय समिति बनाई है।


जिला अधिवक्ता संघ महासचिव जय सिंह ने रविवार को जारी प्रेस नोट में कहा है कि एडीजे प्रथम, सीजेएम, प्रथम अपर सीजेएम, द्वितीय अपर सीजेएम और सिविल जज सीनियर डिवीजन/त्वरित के पीठासीन अधिकारियों और उनके कार्यालयों की कार्य प्रणाली के विरुद्ध संघ ने इस हड़ताल का निर्णय लिया है। महामंत्री ने बताया कि हड़ताल के दौरान कोई अधिवक्ता न्यायालयों में काम नहीं करेगा। इसकी निगरानी के लिए अधिवक्ताओं की आठ सदस्यीय समिति बनाई गई है।
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महासचिव ने बताया कि अगली रणनीति के लिए 20 सितंबर को दोपहर दो बजे आम सभा की बैठक होगी। गौरतलब है कि शनिवार को जिला अधिवक्ता संघ की आम सभा की बैठक में ये निर्णय लिए गए थे।
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जिला अधिवक्ता संघ की कई न्यायिक अधिकारियों के विरोध में सोमवार से तीन दिवसीय हड़ताल पर जिला आदर्श अधिवक्ता संघ विरोध में आ गया है। संघ ने बैठक कर हड़ताल के दौरान भी अदालत में न्यायिक कामकाज करने की घोषणा की है। आदर्श अधिवक्ता संघ अध्यक्ष शिवनायक सिंह गौतम द्वारा रविवार को जारी प्रेस नोट में बताया गया है कि उनके चेंबर में संघ की बैठक हुई। इसमें काफी अधिवक्ता उपस्थित थे। बैठक में कहा गया कि कुछ लोग जानबूझकर हड़ताल करा रहे हैं जबकि सभी न्यायालय व न्यायिक अधिकारी निष्ठा व ईमानदारी से काम कर रहे हैं। उच्चतम न्यायालय भी हड़ताल को गैरकानूनी बता चुका है। हड़ताल समस्या का समाधान नहीं है। अध्यक्ष ने कहा कि बैठक के निर्णय के मुताबिक आदर्श अधिवक्ता संघ के अधिवक्ता न्यायालयों मेें काम करेंगे और दलित, शोषित व पीड़ित व्यक्तियों को नि:शुल्क कानूनी सहायता दिलाएंगे।

-तीन दिन अधिवक्ता नहीं करेंगे कार्य
-आम सभा की बैठक में प्रस्ताव पारित
-आदर्श अधिवक्ता संघ हड़ताल के विरोध में
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