फोटो - 14 एंबुलेंस में धक्का लगाते लोग। संवाद
बांदा। मरीजों को समय पर इलाज मुहैया कराने वाली 108 एंबुलेंस सेवा खुद बीमार है।कई एंबुलेंस पुरानी होकर बीच रास्ते में बंद हो जाती हैं, जिससे मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में देरी होती है।
सपा सरकार में शुरू हुई यह सेवा अब अनुपयोगी वाहनों के कारण धीमी पड़ गई है। कई एंबुलेंस पांच वर्ष और तीन लाख किमी का मानक पूरा कर चुकी हैं, फिर भी सड़क पर दौड़ाई जा रही हैं। अक्सर ये एंबुलेंस बीच रास्ते में बंद हो जाती हैं और धक्का लगाने पर ही चालू होती हैं।
जिससे 15 से 20 मिनट का समय बर्बाद होता है। शुक्रवार को भी एक मरीज को लेकर आई एंबुलेंस धक्का लगाने के बाद ही चालू हुई। हालांकि, 108 एंबुलेंस के कार्यक्रम प्रबंधक अमित का कहना है कि एंबुलेंस ने मानक पूरे नहीं किए हैं और तकनीकी खराबी आ सकती है।