अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। गोशालाओं में बंद अन्ना गायों की मौत पर अन्ना गायों को छोड़ देने की पुलिस और प्रशासन की चेतावनी के बाद कान्हा गोशाला में बंद अन्ना गायों के लिए किसानों ने 50 हजार से ज्यादा चंदा जुटाया है। उधर, अन्ना गायों की बढ़ती संख्या पर अंकुश लगाने के लिए 91 बछड़ों का बधियाकरण किया गया है।
पुलिस ने चेतावनी दी कि गोशालाओं में भूख से पशु मरे तो उन्हें छुड़वा दिया जाएगा। इससे सहमे किसानों ने कान्हा गोशाला के संचालक भैरम कुशवाहा को 50 हजार से ज्यादा रुपये जुटाकर दिए हैं। ताकि चारा-भूसा की व्यवस्था हो सके।
उधर, पशु चिकित्सा अधिकारी लघुचंद्र अहिरवार ने बृहस्पतिवार और शुक्रवार को गोशाला में बंद दर्जन भर से ज्यादा गायों का इलाज किया। उन्होंने बताया कि पशुओं के पेट में कीड़ों की शिकायत है। यह भी बताया कि अन्ना जानवरों के इलाज के लिए पशु चिकित्सालय में पर्याप्त दवाएं नहीं हैं।
पांच रुपये प्रति पशु पंजीकरण शुल्क जमा करना पड़ता है।
पशु चिकित्सक ने बताया कि भारत सरकार की अन्ना पशु उन्मूलन (बधियाकरण) अभियान के तहत मटौंध में 58 और हरदोनी गोशाला में 33 बछड़ों का बधियाकरण किया गया है।
उधर, थाने के उप निरीक्षक देवेंद्र सिंह ने गोशाला का निरीक्षण किया। किसान सुधीर सिंह, आलोक मिश्रा आदि ने बताया कि अब तक वह चारे-भूसे में लगभग एक लाख रुपये खर्च कर चुके हैं। 50 से 70 हजार रुपये और जमा किया है। भैरम कुशवाहा को जिम्मेदारी दी गई है। गोरक्षा संगठनों या प्रशासन की ओर से गोशालाओं को कोई मदद नहीं मिल रही। किसानों ने मदद की मांग की है।
अन्ना गायों के लिए किसानों ने जुटाये 50 हजार
संख्या रोकने के लिए सौ बछड़ों का किया बधियाकरण
पशु चिकित्सक ने गोशाला की गायों का किया इलाज
पशु की मौत पर पुलिस की धमकी से सहमे किसान