मनरेगा समेत केंद्र सरकार द्वारा वित्त पोषित योजनाओं की हकीकत जानने आई केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की दो सदस्यीय टीम ने अपने पांच दिवसीय निरीक्षण के दूसरे दिन मंगलवार को बड़ोखर ब्लाक की तीन ग्राम पंचायतों का भ्रमण किया। ग्रामीणों ने टीम से शिकायतें कीं कि प्रधानमंत्री आवास योजना में मनमानी कर अनियमितताएं की गईं हैं। पैसा लेकर अपात्रों को आवास दिए गए हैं। ग्रामीणों के यह आरोप केंद्रीय टीम ने कलमबंद किए।
टीम ने कई ऐसे काम भी देखे जिनका बजट पूरा खत्म हो गया लेकिन काम अधूरे हैं। हालांकि टीम सदस्यों ने जांच के बाबत कुछ भी बताने से परहेज करते हुए कहा कि वह अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपेंगे।
नेशनल स्तरीय मानीटरिंग टीम का नेतृत्व कर रहे रवि चतुर्वेदी (सेवानिवृत्त आईएएस) और मानीटर चंदन रावत ने बड़ोखर ब्लाक के गुरेह गांव का निरीक्षण किया। प्रधान क्रांति वर्मा और बड़ोखर बीडीओ ओमप्रकाश शुक्ला के साथ मनरेगा से कराए गए कार्य देखे।
प्रधानमंत्री ग्रामीण स्वरोजगार योजना, एनआरएलएम योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से मुलाकात की। वृद्धा, विधवा व विकलांग पेंशनरों से हकीकत जानी। प्राथमिक विद्यालय में आयोजित स्वच्छता कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम पेश करने वाली छात्राओं को पुरस्कृत किया।
यहां के बाद टीम ने बड़ोखर ब्लाक के ही करछा गांव का निरीक्षण किया। मनरेगा से किए गए मोरमीकरण व तालाबों की जांच की। देर शाम अफसरों की टीम जमुनीपुर गांव पहुंची और प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों का सत्यापन किया। टीम सदस्यों से कई ग्रामीणों ने शिकायत की कि आवासों में लेन-देन किया गया है। पात्रों को दरकिनार कर अपात्रों को आवास दिए गए हैं।
केंद्र सरकार के नेशनल मानीटर पांच दिन में जिले की 30 ग्राम पंचायतों का मौके पर जांच करेंगे। बीडीओ ओमप्रकाश शुक्ला ने बताया कि इन ग्राम पंचायतो का चयन शासन स्तर पर किया गया है। सभी ब्लाकों के 3-3 गांवों में टीम जाएगी। सोमवार को टीम ने अधिकारियों के साथ बैठक की और शाम को सांसद आदर्श गांव सांड़ी में मनरेगा कार्यों का भौतिक सत्यापन किया। सचिव नंदकिशोर सोनी, समाज कल्याण विभाग से रज्जू सिंह, एनआरएलएम से जिला समन्वयक राकेश सोनकर व निशा यादव, एडीओ (एसआईबी) राजबहादुर कुशवाहा, रोजगार सेवक रणविजय सिंह, तकनीकी सहायक विनय द्विवेदी व कौशल राजपूत, पूर्व प्रधान अवधेश कुमार सिंह मौजूद रहे।