10 lakh building rate in 10 months
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बांदा। रेलवे निर्माण कार्यों में जमकर कमीशनबाजी का खेल हो रहा है। अंडर ग्राउंड ब्रिज हो या पैनल इंटर लाकिंग भवन। यह खुद ही गुणवत्ता की पोल खोल रहे हैं। एक वर्ष में ही ब्रिज मार्ग गड्ढ़ों में तब्दील हो गया और नवनिर्मित पैनल इंटर लाकिंग भवन ने ने दरारें छोड़ दीं। 14 फरवरी को रेलवे महाप्रबंधक यहां आ रहे हैं।
3.85 करोड़ की लागत से बना क्योटरा रेलवे अंडर ब्रिज और 10 लाख से बना पैनल इंटर लाकिंग एक साल में ही घटिया निर्माण की पोल खोल रहे हैं। ब्रिज मार्ग गड्ढ़ों में तब्दील हो गया है। राहगीर घायल हो रहे हैं। उधर, पैनल इंटर लाकिंग भवन ने दरारें छोड़ दी हैं। इन खामियों को मिटाने के लिए मरहम पट्टी की जा रही है। दरारों में सीमेंट भर दी गई है।
स्टेशन के बाहर आरसीसी के ऊपर डामरीकरण कर दिया गया। स्टेशन में लगे सही सलामत टाइल्सों को तोड़कर नए लगाए जा रहे हैं। हैंडपोस्ट नलों को तोड़कर पुन: बनाया गया है। जब कि वर्ष 2018 में स्टेशन के उच्चीकरण के दौरान इन्हें नए सिरे से बनाया गया था। शौचालय की बाहरी दीवार तोड़कर उसे नया रूप दिया गया है।
ठेकेदारों के पक्ष में दिखे एडीएन
सहायक मंडल अभियंता (रेलवे) एससी गिरी का कहना है जो भी निर्माण कार्य हो रहे हैं, उनमें गुणवत्ता की कोई कमी नहीं है। भवन की दीवार व ब्रिज की सड़क ने कैसे दरारें छोड़ दीं? इसको देखा जाएगा और मरम्मत कराई जाएगी।