बांदा। दूर दृष्टि और पक्के इरादे हों तो दृष्टिहीनता भी मेधा में आड़े नहीं आती। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है यहां स्थित स्पर्श राजकीय दृष्टि बाधित इंटर कालेज, महोखर में शिक्षारत और खेतिहर मजदूर के दृष्टि बाधित मेधावी पुत्र नवल किशोर ने। अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा में चित्रकूटधाम मंडल में एकमात्र सफलता हासिल करने वाले इस मेधावी का शुक्रवार को दिल्ली में सम्मान हुआ। उसे मेडल के साथ छात्रवृत्ति के 30 हजार रुपये का चेक और प्रशस्तिपत्र सौंपा गया है। यह छात्रवृत्ति नवल की अगली शिक्षा की मंशा को परवान चढ़ाएगी।
इस वर्ष अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा बांदा में हुई थी। चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों के लगभग पौने नौ सौ छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी थी। ये कक्षा-9 से 12 तक के विद्यार्थी थे। इनमें मुख्यालय से कुछ किलोमीटर दूर महोखर गांव स्थित स्पर्श राजकीय दृष्टिबाधित इंटर कालेज के भी 8 छात्र शामिल थे। हाल ही में परीक्षा का नतीजा घोषित हुआ।
शुक्रवार (7 फरवरी) को देशभर के सफल मेधावी परीक्षार्थियों को दिल्ली में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सम्मानित किया। इन्हीं में यहां के स्पर्श राजकीय दृष्टिबाधित कालेज में हाईस्कूल का छात्र नवल किशोर भी शामिल था। नवल को छात्रवृत्ति परीक्षा में राइटर मिला था।
मेडल, 30 हजार का चेक और प्रशस्तिपत्र लेकर शनिवार को सुबह पिता के साथ दिल्ली से लौटे नवल के चेहरे पर उम्मीदों की चमक नजर आई। कहा कि खुद की मात्र एक बीघा और शेष बटाई पर ली गई जमीन में उसके खेतिहर पिता शिवमंगल को इस छात्रवृत्ति से राहत मिलेगी।
पिता की दिन-रात मशक्कत के बाद भी परिवार का खर्च और दो भाइयों की पढ़ाई मुश्किल काम था। नवल ने कहा कि छात्रवृत्ति से वह कोचिंग करेगा। उसका बड़ा भाई बीए में पढ़ रहा है। दूसरा भाई दिल्ली में मजदूरी करता है। मां नथुनिया देवी साधारण गृहणी हैं।
तीन बहनों में एक की शादी हो गई और दो छोटी हैं। अपने विद्यालय के इस मेधावी छात्र की सफलता पर प्रधानाचार्य हरिश्चंद्र शुक्ला और प्रवक्ता कुशल सिंह यादव तथा जितेंद्र यादव ने खुशी जताई। उधर, नवल के परिवार में भी खुशी का माहौल है।
नवल किशोर की इच्छा आईएएस या फिर अधिवक्ता बनने की है। इन दोनों में सफलता नहीं मिली तो वह नेता बनेगा। यह बात उसने बेबाकी से कही। शिक्षा के बाद भी राजनीति क्यों? इसके जवाब में नवल का तर्क था कि वह गरीब, मजदूर, किसान और पिछड़ों की आवाज बनना चाहता है। कॅरियर में उपरोक्त दो में से कोई जॉब न मिला तो राजनीति में ही भाग लेगा।
नवल किशोर अपने कालेज में छात्र संघ का अध्यक्ष भी है। कालेज के सभी छात्रों ने अपने भोजन व्यवस्था (मेस) का मुखिया भी उसी को चुन रखा है। विद्यालय की ओर से छात्रों को दो हजार रुपये मासिक छात्र भत्ता मिलता है। प्रत्येक छात्र 1200 रुपये भोजन व्यवस्था के लिए जमा करता है। नवल अपनी निगरानी में रोजाना भोजन तैयार कराता है।