बलरामपुर के एमएलके महाविद्यालय सभागार में आयोजित संगोष्ठी में मौजूद शिक्षक व विद्यार्थी।
बलरामपुर। एमएलके पीजी कॉलेज सभागार में वाणिज्य संकाय की तरफ से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी रविवार को संपन्न हो गया। इसमें विभिन्न प्रदेशों से आए वक्ताओं ने उद्यमशीलता विकास और हमारी अर्थव्यवस्था पर इसका प्रभाव विषय पर अपने विचार व्यक्त किए।
संगोष्ठी का शुभारंभ मुख्य अतिथि दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रो. मनीष कुमार श्रीवास्तव, विशिष्ट अतिथि बीबीडी विश्वविद्यालय लखनऊ के आशीष कुमार श्रीवास्तव, महाविद्यालय प्रबंध समिति के सचिव लेफ्टिनेंट कर्नल (रिटायर्ड) आरके मोहन्ता, प्राचार्य प्रो. जेपी पांडेय, मुख्य नियंता प्रो. पी के सिंह और आईक्यूएसी समन्वयक प्रो. तबस्सुम फरखी ने किया।
मुख्य अतिथि ने छात्रों को नए उद्यम का विकास कैसे किया जाए और उसकी प्रक्रिया क्या है से संबंधित विस्तृत जानकारी दी। कहा कि उद्यमिता विकास और राष्ट्र के आर्थिक विकास में युवा अपना योगदान दें। प्राचार्य ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में हुए सकारात्मक बदलाव का उद्यमिता पर पड़ने वाले प्रभाव के संदर्भ में कहा कि आज का युवा वर्तमान शिक्षा प्राप्त कर रोजगार प्रदान करने वाला बन रहा है न कि रोजगार ढूंढने वाला।
विभागाध्यक्ष वाणिज्य डॉ. एसके त्रिपाठी ने अतिथियों का स्वागत व विभागाध्यक्ष बीबीए राहुल विशेन ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। डॉ. पंकज कुमार श्रीवास्तव ने संगोष्ठी की रिपोर्ट प्रस्तुत की। संगोष्ठी का संचालन डॉ. केके सिंह ने किया। इस अवसर पर डॉ. पीएन पाठक, डॉ. केपी मिश्र, डॉ. पवन कुमार सिंह व सिद्धार्थ मोहन्ता आदि रहे।