बलरामपुर। परिषदीय विद्यालयों में चालू शिक्षा सत्र शुरू हुए 15 दिन का समय बीत चुका है, इसके बावजूद कक्षा एक और दो की कक्षाओं के नौनिहालों को पुस्तकें वितरित नहीं मिल सकीं हैं। ऐसे में रोज छात्र स्कूल तो जाते हैं, लेकिन पढ़ाई के नाम आज-कल में किताबें मिलने के विभागीय दावों की पढ़ाई करके घर लौट जाते। हालांकि कुछ बच्चे पुरानी किताबों से ही पढ़ाई करने को मजबूर हैं। वहीं बेसिक शिक्षा विभाग का दावा है कि बीआरसी पर नए शैक्षिक सत्र की किताबें पहुंचा दी गई हैं। इन्हें शीघ्र वितरित करा दिया जएगा।
जिले के कई बेसिक स्कूलों के शिक्षकों ने किताबें न मिलने की बात कही। विभाग की मानें तो नई किताबें शासन से छपकर आनी हैं। इसका टेंडर निदेशालय स्तर से देर में हुआ था। इस वजह से किताबों के आने में देरी हुई है। इस माह के अंत तक किताबों के मिलने की उम्मीद है। वहीं छात्रों का कहना है कि गर्मी की छुट्टियों के पहले किताबें मिल जाएं तो ठीक है। 20 मई से स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां हो जाएंगी, ऐसे में किताबों के न रहने से बच्चे घर पर भी पढ़ाई नहीं कर सकेंगे। वैसे कई स्कूलों में कुछ छात्रों को पुरानी किताबें दी गईं हैं, जिसमें नए बदलाव के बारे में नहीं है। इस वजह से बच्चे पुरानी किताबों से भी पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं।
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किताबें गर्मी की छुट्टी से पहले मिल जाए तो चलती रहेगी पढ़ाई
-प्राथमिक विद्यालय रेड़वलिया में कक्षा एक और दो में करीब 46 बच्चे पंजीकृत हैं। विद्यालय में तीन से चार बच्चे पुरानी किताब से पढ़ाई करते नजर आए। अन्य छात्र सुशील कुमार व रिंकी ने कहा कि स्कूल में रोज शिक्षक आज-कल में पुस्तकें मिल जाने का दावा कहते हैं, लेकिन अभी तक किताबें नहीं मिली सकी हैं। प्रधानाध्यापक मोहम्मद फारूक कादिरी ने बताया कि किताबें आते ही बच्चों में वितरित करा दिया जाएगा। कंपोजिट विद्यालय मुजहना में कक्षा एक और दो में कुल 185 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। छात्र रमेश व विजय ने बताया कि किताबें नई नहीं मिली हैं। गर्मी की छुट्टी से पहले किताबें मिल जाए तो घर पर अच्छे से पढ़ाई हो जाएगी। प्रधानाध्यापिका सुधा आर्या ने बताया कि नई किताबें नहीं मिली है। पुरानी किताब से ही छात्रों को पढ़ाया जा रहा है।
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किताबों का वितरण कराया जाएगा
- जिले में डिमांड के हिसाब से करीब 13 लाख किताबें पहुंच चुकी हैं। कक्षा एक और दो की किताबों कुछ देरी से मिली हैं, जिससे उनका वितरण नहीं हो सका है। अब सभी किताबें जिले को उपलब्ध हो गई हैं, जिनका वितरण कराने का निर्देश दिया गया है।
- कल्पना देवी, बीएसए बलरामपुर