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Balrampur News: दुर्गा मंदिर में नहीं हुआ हवन-पूजन, गांव में पसरा मातमी सन्नाटा

Mon, 19 Oct 2026 10:44 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
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चरनगहिया-बेलहा गांव में दुर्गा मंदिर
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बलरामपुर। चरनगहिया-बेलहा गांव में दुर्गा मंदिर के सामने हुए दर्दनाक हादसे का असर हवन-पूजन पर भी दिखाई दिया। जिस मंदिर में पिछले साल नवमी के दिन श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती थी, वहां इस बार हवन-पूजन के लिए लोग नहीं पहुंचे। तीन ग्रामीणों की मौत और कई लोगों के घायल होने से गांव में ऐसा मातमी सन्नाटा पसरा है कि त्योहार की रौनक भी गम में बदल गई। मंदिर परिसर में पसरी खामोशी हादसे की याद दिलाती रही।
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ग्रामीणों के लिए इस बार नवमी का दिन बीते वर्षों से बिल्कुल अलग रहा। हादसे से पहले मंदिर में धार्मिक कार्यक्रम के बाद लोग एक साथ बैठकर फिल्म देख रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार कार लोगों को रौंदते हुए निकल गई थी। हादसे में पाटेश्वरी प्रसाद (37), मनोज सिंह (51) और गणेश पांडेय (37) की मौत हो गई थी, जबकि चार ग्रामीण घायल हो गए थे। घटना के तीसरे दिन भी गांव के लोगों के चेहरों पर अपनों को खोने का गम साफ नजर आया। घटना की चर्चा छिड़ते ही लोगों की आंखें नम हो जा रही हैं।

नाममात्र की पूजा कर लौटे ग्रामीण
नवमी पर मंदिर में साफ-सफाई के लिए गांव के दो-तीन लोग पहुंचे। उन्होंने परिसर की सफाई की और देर शाम नाममात्र की पूजा-अर्चना की। पिछले साल जहां नवमी पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती थी, वहीं इस बार मंदिर में न तो पहले जैसी चहल-पहल दिखी और न ही सामूहिक आयोजन का उत्साह। हादसे के बाद से ग्रामीणों के मन में गहरा दुख है।
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घायलों के उपचार और सहायता पर प्रशासन की नजर
हादसे में गंभीर रूप से घायल डब्लू गुप्ता का लखनऊ में उपचार चल रहा है। उनकी हालत में फिलहाल सुधार नहीं हुआ है। वहीं, जिला मेमोरियल अस्पताल में मुकेश तिवारी का इलाज चल रहा है। घायल ग्रामीणों के परिजन उनके जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवारों को सहायता दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। एसडीएम मनोज कुमार सरोज ने बताया कि सभी घायलों का इलाज कराया जा रहा है। पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। गांव के लोग भी दिनभर घायलों का हालचाल लेते रहे। हादसे के बाद तीसरे दिन भी गांव में छाया सन्नाटा और नवमी पर मंदिर में नहीं जुटे श्रद्धालु इस त्रासदी के गहरे असर को बयां करते रहे।
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