बलरामपुर। सावन माह के तीसरे सोमवार पर जिले के सभी शिवालयों में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। बम-बम भोले के जयकारों से छोटी काशी गूंज उठा। विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना करके श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। कांवड़ियों ने नदी व पवित्र सरोवरों से जल भरकर जिले के प्रमुख शिवालयों में भगवान भोलेनाथ को जलाभिषेक किया।
सावन के तीसरे सोमवार को नाग पंचमी का पर्व होने से सिद्घ योग का दुर्लभ संयोग माना जाता है। यह संयोग 13 साल बाद आया है। नगर के झारखंडी मंदिर में भोर पहर ही श्रद्धालुओं का तांता लग गया। हनुमानगढ़ी मंदिर स्थित शिवालय में भी भक्तों ने जलाभिषेक किया।
पचपेड़वा स्थित शिवगढ़ धाम में कावंड़ियों ने पवित्र नदी व सरोवरों से जल भरकर भोर पहर में ही भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। उतरौला स्थित दुखहरण नाथ, राजापुर भरिया जंगल स्थित कल्पेश्वर नाथ, श्रीदत्तगंज बाजार स्थित सोमनाथ मंदिर एवं धर्मपुर स्थित झारखंडेश्वर महादेव मंदिर में भी भगवान शिव की पूजा-अर्चना देर रात तक चलती रही।