बलरामपुर। विश्व स्तनपान सप्ताह के शुभारंभ पर शनिवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्तनपान के महत्व पर चर्चा करते हुए माताओं को स्तनपान कराने पर जोर दिया।
सीएमओ डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने कहा कि स्तनपान शिशु के जीवन की सबसे स्वस्थ शुरुआत है। बताया कि जन्म के पहले एक घंटे के भीतर शिशु को मां का दूध पिलाना, पहले छह माह तक केवल स्तनपान कराना तथा इसके बाद पूरक आहार के साथ दो वर्ष या उससे अधिक समय तक स्तनपान जारी रखना बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों से अपील किया कि वह परिवारों को स्तनपान के लाभों के प्रति जागरूक करने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा ने कहा कि इस वर्ष की थीम स्तनपान को बढ़ावा देने और उसके लिए सहयोगी वातावरण तैयार करने पर केंद्रित है। उन्होंने बताया कि विश्व स्तनपान सप्ताह के दौरान जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और गांवों में जागरूकता कार्यक्रम, परामर्श सत्र और जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। गतिविधियों के जरिए अधिक से अधिक परिवारों को स्तनपान के महत्व को समझाते हुए जागरूक किया जाएगा।