बलरामपुर में आयोजित कार्यशाला में हुआ डॉक्टरों का सम्मान। -संवाद
बलरामपुर। ग्रेजुएट मेडिकल प्रेक्टिसनर एसोसिएशन की कार्यशाला सोमवार रात शहर के एक होटल में हुई। इसमें प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों को एंटीबायोटिक दवा का अधिक प्रयोग नहीं करने के प्रति जागरूक किया गया। एंटीबायोटिक दवाओं के अधिक प्रयोग से होने वाले दुष्प्रभावों की भी जानकारी दी।
कार्यशाला में एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि अप्रशिक्षित चिकित्सक पिछड़े इलाकों में मरीजों को एंटीबायोटिक दवाओं की ओवरडोज दे देते हैं। इससे उन मरीजों पर एंटीबायोटिक दवाएं असर नहीं करतीं। जिन बीमारियों में मरीज को एंटीबायोटिक दवा नहीं दी जाती है, अप्रशिक्षित चिकित्सक उसमें भी मरीज को ये दवाएं दे देतेे हैं। जिससे उनके शरीर पर इसका दुष्प्रभाव पड़ता है। प्रकाश पांडेय ने बताया कि एक कंपनी की ओर से जल्द ही एक एप लांच किया जाएगा। इसके जरिए चिकित्सक अपने क्षेत्र में फैली बीमारियों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
कार्यशाला में डॉ. आशीष सिंह ने डॉ. फहमीदा, डॉ. नवाब खान व डॉ. इकबाल अहमद को हकीम अजमल सम्मान से सम्मानित किया। साथ ही डॉ. निधि त्रिपाठी, डॉ. केएन मिश्र, डॉ. अर्शी अनीस व डॉ. अमर खंडेलवाल को नीमा की आजीवन सदस्यता भी प्रदान की गई। कार्यक्रम में डॉ. राकेश चंद्र श्रीवास्तव, डॉ. जुबैर अहमद, डॉ. प्रांजल त्रिपाठी, डॉ. एनके पांडेय, डॉ. जाहिद, डॉ. केके राना, डॉ. एचआर अंसारी, डॉ. श्रुति तिवारी, डॉ. एसएन यादव, डॉ. असलम, डॉ. फिरोज आदि मौजूद रहे।