बलरामपुर। शासन के निर्देश पर 17 मार्च से गेहूं खरीद के लिए क्रय केंद्रों का संचालन शुरू कर दिया गया। किसानों से उनकी उपज खरीदने के लिए चार क्रय एजेंसियों ने 57 क्रय केंद्र बनाए हैं। गेहूं बेचने के लिए 1222 किसानों ने पंजीकरण कराया है। हालांकि पहले दिन किसी भी क्रय केंद्र पर बोहनी नहीं हुई।
न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के तहत किसानों का गेहूं खरीदने के लिए सोमवार से सरकारी क्रय केंद्रों को सक्रिय कर दिया गया। सभी क्रय केंद्रों पर बोरा, पंखा, कांटा व अन्य संसाधन उपलब्ध हैं। 775 गांठ प्लास्टिक बोरे उपलब्ध हैं। जिला प्रशासन ने क्रय केंद्र प्रभारियों को गेहूं खरीद से संबंधित सभी व्यवस्थाएं चुस्त-दुरुस्त रखने का निर्देश दिया है।
34 के बजाय बनाए गए 57 क्रय केंद्र
पूर्व में गेहूं खरीद के लिए विपणन विभाग ने 34 क्रय केंद्र निर्धारित किए थे। इसमें खाद्य तथा रसद विभाग के नौ, पीसीएफ के 15 व यूपीएसएस के 10 क्रय केंद्र बनाए गए थे। अधिक से अधिक किसानों का गेहूं सरकारी दाम खरीदी जा सके, इसके लिए अब 34 के बजाय 57 क्रय केंद्र बना दिए गए हैं। खाद्य विभाग के 19, पीसीएफ के 20, यूपीएसएस के 15 व एफसीआई के तीन क्रय केंद्र बनाए गए हैं।
बनाए जाएंगे मोबाइल क्रय केंद्र
बड़े किसानों से गेहूं खरीदने के लिए मोबाइल क्रय केंद्र बनाए जाएंगे। केंद्र प्रभारी किसानों के घर-घर जाकर गेहूं खरीदेंगे। हालांकि अभी कहां-कहां मोबाइल क्रय केंद्र बनाए जाएंगे, इसका निर्धारण नहीं किया गया है।
10 अप्रैल के बाद गेहूं बेचने आएंगे किसान
शासन के निर्देशानुसार 17 मार्च से सरकारी क्रय केंद्रों का संचालन शुरू कर दिया गया है। जिले में अभी गेहूं तैयार नहीं हुआ है। 10 अप्रैल के बाद ही किसान गेहूं बेचने के लिए क्रय केंद्रों पर आएंगे।
- निश्चल आनंद, जिला खाद्य विपणन अधिकारी बलरामपुर