बलरामपुर। सवा दो माह में लक्ष्य का महज 9.32 फीसदी गेहूं खरीद की जा सकी है। बाकी बचे पांच दिनों में लक्ष्य का 90.68 फीसदी गेहूं खरीदने की चुनौती है। तीन क्रय एजेंसियों को 55 केंद्रों पर गेहूं खरीदने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। आढ़तियों की ओर से महंगे दामों में गेहूं खरीदने से सहकारी समितियां फेल हो गई हैं। इसमें कहीं न कहीं सरकारी कार्यप्रणाली की खामियां भी उजागर हो रही है। मोबाइल क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद ढंग से नहीं हो सकी, जिसके चलते 14 किसानों से मात्र 1404 क्विंटल गेहूं खरीदा जा सका है। सरकारी एजेंसियों ने कुल 817 किसानों से सात करोड़ 17 लाख 30 हजार रुपये का गेहूं खरीदा है, जिसमें 778 किसानों को छह करोड़ 85 लाख 44 हजार रुपये का भुगतान कर दिय गया है। बाकी बचे 39 किसानों का 31.86 लाख का भुगतान करना है।
रबी क्रय वर्ष 2022-23 में मूल्य समर्थन योजना के तहत 2015 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदने की शुरुआत एक अप्रैल से की गई। तीन क्रय एजेंसियों को 15 जून तक 55 क्रय केंद्रों पर 42 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा करने की जिम्मेदारी दी गई। रुस-यूक्रेन युद्ध के चलते भारी मात्रा में गेहूं निर्यात होने की संभावना को देखते हुए आढ़तियों ने अपना जाल बिछा लिया। किसान बलदेव, राजाराम, चिंता, शिव प्रसाद, राजकुमार, दीनानाथ, कल्लू व लल्लू आदि का कहना है कि आढ़तियों ने 2200 से 2400 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदना शुरू किया तो सरकारी रेट 2015 रुपये में गेहूं बेचकर किसान अपना नुकसान क्यों करेगा। डीएम की चेतावनी भी आढ़तियों पर शिकंजा कसने में पूरी तरह से नाकाम रही।
वहीं आठ जून तक क्रय केंद्रों के साथ मोबाइल से एजेंसियों की तरफ से 9.32 फीसदी के साथ 3559.81 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा सका है। खाद्य विभाग ने 13 क्रय केंद्रों पर 12 हजार के सापेक्ष 6.09 फीसदी के साथ 175 किसानों से एक करोड़ 47 लाख 21 हजार रुपये में 730.55 एमटी गेहूं खरीदा। एजेंसी ने 171 किसानों का एक करोड़ 44 लाख 34 हजार रुपये का भुगतान कर दिया है। बाकी बचे चार किसानों को 2.87 लाख का शीघ्र भुगतान करने की बात कही गई है। पीसीएफ ने 23 क्रय केंद्रों पर 16 हजार के सापेक्ष 9.58 फीसदी के साथ 344 किसानों से तीन करोड़ नौ लाख रुपये में 1533.49 एमटी गेहूं खरीदा और 323 किसानों को दो करोड़ 92 लाख नौ हजार का भुगतान कर दिया है, बाकी बचे 21 किसानों को 16.10 लाख का भुगतान करना है।
यूपीएसएस ने 19 केंद्रों पर 9.26 फीसदी के साथ 14 हजार के सापेक्ष 298 किसानों से दो करोड़ 61 लाख 10 हजार रुपये में 1295.77 एमटी गेहूं खरीदा है। एजेंसी ने 778 किसानों को दो करोड़ 48 लाख 20 हजार का भुगतान कर दिया है। एजेंसी की तरफ से बाकी बचे 14 किसानों को शीघ्र ही 12.90 लाख का भुगतान किया जाएगा। (संवाद)
रेट कम होने से नहीं पूरा हुआ लक्ष्य
सरकारी रेट की तुलना में आढ़तियों की ओर से गेहूं का अधिक भुगतान करके खरीद की गई है, जिससे सरकारी केंद्रों पर किसान गेहूं बेचने नहीं आए हैं। लक्ष्य पूरा करने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के साथ-साथ मोबाइल केंद्र भी चलाए गए लेकिन उसका भी कोई खास असर नहीं रहा। नरेंद्र कुमार तिवारी, डिप्टी आरएमओ