उतरौला। क्षेत्र में जल निकासी के नालों और घोलों पर कथित तौर पर अवैध रूप से जाल लगाकर मछली पकड़ने से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पानी की निकासी बाधित होने से खेतों में जलभराव हो गया है। इससे धान की कटाई प्रभावित हो रही है, वहीं आगामी गेहूं की बोआई में देरी की आशंका भी बढ़ गई है।
किसान महफूज, राम किशन, बलदेव, विकास कुमार, फूलचंद्र, कालिक और असगर ने बताया कि बारिश के बाद खेतों का पानी नालों और घोलों के रास्ते निकल जाता था। आरोप है कि कुछ लोगों ने मछली पकड़ने के लिए इन रास्तों पर जाल लगा दिए हैं, जिससे पानी की निकासी बाधित हो गई है।
किसानों का कहना है कि खेतों में पानी भरा होने के कारण धान की फसल काटने में परेशानी हो रही है। यदि जल्द ही जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो गेहूं की बोआई प्रभावित हो सकती है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
किसानों ने प्रशासन से अवैध रूप से जाल लगाकर पानी रोकने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
उपजिलाधिकारी योगेंद्र शरण शाह ने बताया कि मामले में लेखपाल को निर्देश दिए गए हैं। जल निकासी बाधित करने वालों की सूची मांगी गई है। सूची मिलने के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।