बलरामपुर। आदिकवि महर्षि वाल्मीकि की जयंती पर सोमवार को जिले में श्रद्धा और उल्लास के साथ विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। नगर की नई बस्ती स्थित महर्षि वाल्मीकि मंदिर से अखिल भारतीय श्रीवाल्मीकि नवयुवक संघ के तत्वावधान में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इसमें महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा के साथ भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, हनुमानजी, लव-कुश और भारत माता की आकर्षक झांकियां शामिल रहीं। शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालु जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े और महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
शोभायात्रा से पहले नई बस्ती स्थित महर्षि वाल्मीकि मंदिर में विधिवत पूजन-अर्चन किया गया। इसके बाद सदर विधायक पल्टूराम की अगुवाई में शोभायात्रा रवाना हुई। शोभायात्रा आंबेडकर तिराहा, मेजर चौराहा, सिटी पैलेस, बड़ा पुल चौराहा, चौक बाजार, सराय फाटक और वीर विनय चौराहा होते हुए पुनः मंदिर पहुंची। यहां पूजन-अर्चन के बाद कार्यक्रम का समापन हुआ। शोभायात्रा में शामिल आकर्षक झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं। श्रद्धालु महर्षि वाल्मीकि और भगवान श्रीराम के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे।
आयोजन में रजत वाल्मीकि, अनिल वाल्मीकि, आजाद, सूर्य प्रताप सिंह, सुमित वाल्मीकि और पप्पू सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
सत्य, साधना और संस्कारों से होगा राष्ट्र का निर्माण
बलरामपुर। मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय में भी महर्षि वाल्मीकि जयंती मनाई गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि भारतीय संस्कृति के अमर ऋषि और आदिकवि हैं। उनका जीवन सत्य, अहिंसा और करुणा का संदेश देता है। उनके द्वारा रचित रामायण नीति, धर्म और आदर्श जीवन की प्रेरणा देती है। रामायण केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला भी सिखाती है।
कुलपति ने कहा कि सत्य, साधना और संस्कारों से ही समाज और राष्ट्र का निर्माण होता है। उन्होंने लोगों से महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे।
धार्मिक आयोजनों में हुआ रामायण पाठ
जिले के अन्य क्षेत्रों में भी महर्षि वाल्मीकि जयंती पर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। पेहर माता मंदिर परिसर में रामायण पाठ हुआ। पाठ के समापन पर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। कार्यक्रमों में महर्षि वाल्मीकि के जीवन और उनकी रचनाओं के महत्व पर प्रकाश डाला गया। साथ ही, लोगों को सत्य, धर्म, मानवता और सामाजिक सद्भाव के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी गई।
फोटो-16-बलरामपुर में निकाली गई महर्षि वाल्मीकि की शोभायात्रा।-स्रोत: आयोजक