बलरामपुर। जिले के 14 ग्राम पंचायत सचिवों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। ग्राम पंचायत सचिवों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी गई है। डीएम कृष्णा करुणेश के फरमान पर डीपीआरओ नरेश चंद्र ने शुक्रवार को ग्राम पंचायत सचिवों को नोटिस भेजा है।
डीपीआरओ ने बताया कि डीएम ने कलेक्ट्रेट दफ्तर में जिले के सभी 801 ग्राम पंचायतों के वित्त वर्ष 2019-20 की वार्षिक कार्ययोजना भारत सरकार की वेबसाइट पर अपलोड कराने एवं वित्त वर्ष 2018-19 की प्रिया सॉफ्ट फीडिंग को पूरा कराते हुए वार्षिक पुस्तिका बंद कराने के संबंध में गहन समीक्षा की।
डीएम की समीक्षा के दौरान सदर ब्लॉक के ग्राम पंचायत बगाही, भगवतपुर, विशुनापुर, करमहना, नौबस्ता मुड़िला व रछौड़ा, गेंड़ास बुजुर्ग ब्लॉक ग्राम पंचायत परसौना, गैसड़ी ब्लॉक के ग्राम पंचायत छपिया सुखरामपुर, जानकीनगर व पिपरा, पचपेड़वा ब्लॉक के ग्राम पंचायत मनोहरापुर, श्रीदत्तगंज ब्लॉक के ग्राम पंचायत बलहा तथा तुलसीपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत बेलीखुर्द व मोहनपुर दयालीडीह के ग्राम पंचायत सचिवों की घोर लापरवाही पाई गई है।
इन ग्राम पंचायतों में तैनात सचिवों के खिलाफ अंतिम चेतावनी शुक्रवार को जारी कर दी गई है। दो दिन के अंदर सभी कार्य पूरा कराकर रिपोर्ट न देने पर डीएम ने सुसंगत धाराओं में संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया है। जिले के सभी नौ ब्लॉकों के एडीओ पंचायतों व 801 ग्राम पंचायतों के सचिवों को यह भी निर्देश दिया गया है कि गांवों में बने शौचालयों की फोटो सात दिन प्रिया साफ्ट पर अपलोड कराएं।